
Abhishek Banerjee (फोटो-IANS)
Abhishek Banerjee Eye Treatment: टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता उच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा करने की इजाजत मांगने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि जब तक स्थानीय विशेषज्ञ इसकी अनुपयोगिता साबित न कर दें, तब तक विदेश यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती।
कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल पीठ के न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि कोलकाता में ही कई प्रतिष्ठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर के नेत्र चिकित्सा केंद्र उपलब्ध हैं।
मेडिकल रिपोर्ट की शर्त: यदि एसएसकेएम अस्पताल के डॉक्टर अपनी जांच रिपोर्ट में यह लिख कर देते हैं कि संबंधित बीमारी का इलाज भारत में संभव नहीं है, तभी अदालत विदेशों में इलाज कराने की अर्जी पर आगे विचार करेगी।
एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल का निर्देश: अदालत ने कहा कि अभिषेक बनर्जी को पहले कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम अस्पताल के नेत्र विज्ञान विभाग के प्रमुख (Head of Ophthalmology) के सामने उपस्थित होना चाहिए।
राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त अधिवक्ता जनरल राजदीप मजूमदार ने याचिका का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि यह कोई ऐसी आपात स्थिति नहीं है जिसके लिए विदेश जाना अनिवार्य हो। साथ ही, कई मामलों में जांच जारी होने के कारण उनकी उपस्थिति आवश्यक हो सकती है।
दूसरी ओर, अभिषेक बनर्जी की वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन ने तर्क रखा कि वर्ष 2016 में एक सड़क दुर्घटना के बाद से ही उनके मुवक्किल की एक आंख के नीचे गंभीर चोट आई थी, जिसका निरंतर इलाज जॉन हॉपकिन्स (Johns Hopkins) जैसे प्रतिष्ठित विदेशी संस्थान से चल रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि इलाज की निरंतरता (continuity of treatment) बेहद जरूरी है। हालांकि, जब कोर्ट ने एसएसकेएम अस्पताल के बोर्ड से जांच कराने की शर्त रखी, तो बनर्जी के वकील ने निर्देशानुसार अर्जी वापस लेने या खारिज करने की बात कही।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान और बाद में दर्ज हुई कई प्राथमिकियों (FIRs) के कारण अभिषेक बनर्जी कानूनी घेरे में हैं। एक चुनावी भाषण से जुड़े मामले में अंतरिम राहत देते हुए कोर्ट ने शर्त रखी थी कि वे बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जाएंगे।
Updated on:
05 Aug 2026 12:34 pm
Published on:
05 Aug 2026 12:06 pm
