राष्ट्रीय

Allahabad High Court: ‘एक भी सबूत नहीं पेश कर सके’, राहुल गांधी की नागरिकता पर याचिका वापस, इलाहाबाद हाईकोर्ट में नहीं टिके दावे

Rahul Gandhi British Citizenship: राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठाने वाली याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट से वापस ले ली गई। याचिकाकर्ता ब्रिटिश नागरिकता के आरोप के समर्थन में एक भी दस्तावेज नहीं दिखा सका।
2 min read
Sep 02, 2026
Rahul Gandhi citizenship, Rahul Gandhi British citizenship, Allahabad High Court Rahul Gandhi, Rahul Gandhi citizenship case, Rahul Gandhi citizenship plea, Rahul Gandhi UK citizenship,
राहुल गांधी (Photo-IANS)

Rahul Gandhi Citizenship: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठाने वाली याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट से वापस ले ली गई है। याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि राहुल गांधी भारतीय नागरिक नहीं हैं और उनके पास ब्रिटिश नागरिकता है। हालांकि, कोर्ट में याचिकाकर्ता इस दावे के समर्थन में एक भी ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर सका। यह मामला ‘अशोक पांडेय एवं अन्य बनाम श्री राहुल गांधी @ राउल विंची, नई दिल्ली एवं अन्य’ से जुड़ा है। 31 अगस्त को जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अब्देश कुमार चौधरी की पीठ ने मामले की सुनवाई की।

ब्रिटिश नागरिक होने का दावा, लेकिन सबूत नहीं

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने 2003 में ब्रिटेन में बैकॉप्स लिमिटेड नाम की कंपनी बनाई थी। दावा किया गया कि उन्होंने कंपनी के निदेशक और प्रमुख शेयरधारक के रूप में खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया था। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की दलील पहली नजर में प्रभावशाली और दूरगामी परिणाम वाली लगती है। लेकिन सुनवाई के दौरान वह कंपनी के गठन से जुड़े रिकॉर्ड, ब्रिटेन के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के दस्तावेज या ऐसा कोई रिकॉर्ड पेश नहीं कर सका, जिससे यह साबित हो कि राहुल गांधी ने खुद को ब्रिटिश नागरिक घोषित किया था। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि याचिकाकर्ता एक भी दस्तावेज ऐसा नहीं दिखा सका, जो उसके आरोपों को साबित करता हो।

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के पत्र को भी नहीं माना सबूत

याचिकाकर्ता ने अपने दावे के समर्थन में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से जुड़े एक कथित पत्र पर भरोसा किया था। इस पत्र में ‘राउल विंची’ नाम के एक व्यक्ति के वहां पढ़ाई करने की पुष्टि का दावा किया गया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा कि यह दस्तावेज राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित नहीं करता। कोर्ट के मुताबिक, सिर्फ किसी ‘राउल विंची’ की पढ़ाई से जुड़ा कथित पत्र यह साबित नहीं करता कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं।

कोर्ट ने याचिका वापस लेने की अनुमति दी

हाईकोर्ट ने पहले भी संकेत दिया था कि राहुल गांधी की नागरिकता से जुड़ा मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष लंबित है। इसके बावजूद याचिकाकर्ता के आग्रह पर कोर्ट ने मामले की सुनवाई की और उसके द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों को देखा। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया। कोर्ट ने इसकी अनुमति दे दी। इसके बाद याचिका को ‘डिसमिस्ड ऐज विथड्रॉन’ यानी वापस लेने के आधार पर खारिज कर दिया गया।

एक और याचिका पर अलग बेंच में सुनवाई लंबित

राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता से जुड़ा मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है। हाईकोर्ट की एक दूसरी पीठ के सामने इसी मुद्दे को लेकर एक अलग याचिका अभी लंबित है। इस मामले में याचिकाकर्ता राजनीश कुमार सिंह खुद अदालत में पेश हुए। केंद्र सरकार की ओर से डिप्टी सॉलिसिटर जनरल एस.बी. पांडेय और अधिवक्ता अश्वनी कुमार सिंह ने पैरवी की। चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ओ.पी. श्रीवास्तव और अधिवक्ता अनुप्रिया श्रीवास्तव अदालत में मौजूद रहे।

Updated on:
02 Sept 2026 07:50 pm
Published on:
02 Sept 2026 07:39 pm