
Rahul Gandhi Meeting: संसद सत्र के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास पर इंडिया ब्लॉक और कांग्रेस सांसदों की अहम बैठक खत्म हो गई है। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, पी. चिदंबरम, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सुप्रिया सुले, महुआ मोइत्रा, कल्याण बनर्जी समेत कई वरिष्ठ विपक्षी नेता शामिल हुए। बैठक खत्म होने के बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के सांसद विरोध मार्च निकालते हुए राजघाट के लिए रवाना हो गए। बैठक से पहले राहुल गांधी के आवास के बाहर दिल्ली पुलिस की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई थी।
राहुल गांधी के आवास पर हुई बैठक में शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत, एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, सौगत रॉय और कल्याण बनर्जी, जेएमएम सांसद महुआ मांझी, आरजेडी सांसद मीसा भारती और संजय यादव, सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास, सीपीआई सांसद पी. संतोष कुमार, समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन और आईयूएमएल सांसद ई.टी. मोहम्मद बशीर समेत कई नेता मौजूद रहे। हालांकि, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव किसी कारण बैठक में शामिल नहीं हुए।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध बना हुआ है। विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। साथ ही राज्यसभा में नियम 267 के तहत इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग भी उठाई गई है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार का कहना है कि वह NEET विवाद पर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन विपक्ष से बिना किसी शर्त के चर्चा में शामिल होने की अपील कर रही है।
इससे पहले गुरुवार सुबह संसद भवन परिसर में भी राहुल गांधी ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं के साथ बैठक की थी। उस बैठक में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी सांसद सौगत रॉय समेत कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए थे। माना जा रहा है कि शाम की बैठक में संसद के भीतर विपक्ष की रणनीति, सरकार को घेरने के मुद्दों और आगे के आंदोलन पर चर्चा की गई।
गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में NEET-UG पेपर लीक मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ। विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें दोहराईं। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार NEET मामले पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष शर्तें रखकर संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रहा है। सरकार का कहना है कि वह इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा चाहती है लेकिन इसके लिए सभी दलों का सहयोग जरूरी है।