
Congress Mock Parliament: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के सांकेतिक महाभियोग कार्यक्रम के दौरान चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और यह संख्या देश के कुल मतदाताओं का करीब 15 फीसदी है। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि अगर 2024 के लोकसभा चुनाव में इन मतदाताओं ने वोट डाला था, तो अब उनके नाम हटाने का क्या मतलब है?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कदमों से 2024 के लोकसभा चुनाव की वैधता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने बीजेपी के उन सांसदों पर भी निशाना साधा, जो उनके मुताबिक ऐसे चुनाव के जरिए संसद पहुंचे। उन्होंने बोला कि 'वोट काटने वाले देश के अपराधी हैं।
मॉक संसद में बोलते हुए राहुल गांधी ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, यानी हर सात में से करीब एक मतदाता प्रभावित हुआ है। उनके मुताबिक, यह देश के कुल मतदाताओं का लगभग 15 फीसदी है। राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव में जीत और विपक्ष के बीच वोटों का अंतर करीब 3 फीसदी था। उन्होंने सवाल किया कि जब इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, तो चुनाव प्रक्रिया पर सवाल क्यों नहीं उठने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग खुद यह संकेत दे रहा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जिन लोगों ने वोट दिया, उनमें से बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की थी, जिन्हें वोट नहीं देना चाहिए था। इसी आधार पर उन्होंने बीजेपी सांसदों के चुनाव जीतकर संसद पहुंचने पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के आवास के बगीचे में बैठकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष के लिए बाकी सभी संस्थागत रास्ते बंद कर दिए गए हैं।
कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता नेहा बोरा ने भी चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म-6 में बदलाव युवाओं को मतदान के अधिकार से वंचित करने की कोशिश है। नेहा बोरा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को केवल महाभियोग का सामना नहीं करना पड़ेगा, बल्कि उन्हें जेल भी जाना होगा।