
Rahul Gandhi Dehradun Visit: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को देहरादून में छात्रों से संंवाद करते हुए देश की एजुकेशन सिस्टम की हालत केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होने कहा कि पेपर लीक करने के लिए हाईटेक टेक्नोलॉजी का खुलेआम इस्तेमाल हो रहा है। जबकि कन्विक्शन रेट लगभग जीरो है।
कांग्रेस MP और लोकसभा LoP राहुल गांधी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर पिछले 10 साल में 152 बार लीक हो चुके हैं। देश के 7.5 करोड़ युवाओं को इसका नुकसान उठाना पड़ा है। यह तो बस 10 फीसदी हिस्सा है। सच तो यह है कि कई मामलों में तो पेपर लीक का पता ही नहीं चलता।
कांग्रेस MP और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, देश में चार तरह का अन्याय हो रहा है। पहला है पढ़ाई का खर्च,दूसरा अन्याय यह है कि 5 में से 4 दरवाजे बंद हो गए हैं। तीसरा अन्याय यह है कि 150 स्टूडेंट्स में से सिर्फ एक लड़का या लड़की ही सफल हो पाता है। और आखिरी और सबसे गंदा अन्याय है 'पेपर लीक'। आज की चर्चा पेपर लीक पर है। पेपर लीक कैसे होते हैं, कौन करता है, और इसके क्या समाधान हो सकते हैं?
कांग्रेस MP और लोकसभा LoP राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक मामलों के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होने से पेपर लीक माफिया बेखौफ होकर यह काम कर रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ कन्विक्शन रेट लगभग शून्य है। कुछ राज्यों में आरोपी जेल तो गए लेकिन जल्द ही जमानत लेकर बाहर भी आ गए। लेकिन अब तक किसी भी आरोपी को सजा नहीं हो सकी है।
कांग्रेस MP और लोकसभा LoP राहुल गांधी ने शुक्रवार को रेस कोर्स के बन्नू स्कूल ग्राउंड में हो रहे ‘छात्रों की गूंज’ प्रोग्राम में स्टूडेंट्स से सीधे बातचीत की। संवाद कार्यक्रम में छात्रों ने पेपर लीक मामलों को लेकर अपनी पीड़ा जाहिर की। छात्रों ने कहा कि हम चाहे जितनी मेहनत कर लें लेकिन पेपर लीक हो गया तो हम हार जाएंगे।
देश में पेपर लीक का मामला युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक बड़ा अहम मुद्दा है। राहुल गांधी ने कहा कि, यह आपका और आपके माता-पिता का अपमान है। यह आपकी कड़ी मेहनत और लगन का अपमान है। इसके बावजूद देश में सरकार पेपर लीक को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।