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गले मिलने पर सियासत: राहुल गांधी पर भड़की बीजेपी, निशिकांत दुबे ने शेयर की इंदिरा गांधी की तस्वीर

Rahul Gandhi criticized PM Modi hug diplomacy: पीएम मोदी के 'गले लगने' की आदत पर राहुल गांधी के तंज से सियासी बवाल। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और अमित मालवीय ने पलटवार करते हुए कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों को शर्मनाक और आपत्तिजनक बताया। पूरी खबर पढ़ें।
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Aug 14, 2026
nishikant dubey attack on rahul gandhi.
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ संदीप दीक्षित। (Photo- ANI)

Nishikant DubeyonRahul Gandhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारतीय विदेश नीति के साथ ही पीएम मोदी की गले मिलने की आदत पर तंज कसा है। इस पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पलटवार करते हुए गांधी परिवार के कूटनीतिक रूप से गले मिलने के इतिहास पर कटाक्ष किया। इसके साथ ही उन्होंने दिवंगत पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की एक तस्वीर साझा की।

झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने इसे लेकर 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट में क्यूबा के क्रांतिकारी नेता फिडेल कास्त्रो और फिलिस्तीनी नेता यासिर अराफात के साथ पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की एक तस्वीर साझा की।

विवाद क्यों बढ़ा?

राहुल गांधी ने कांग्रेस के एक कार्यक्रम में पीएम मोदी की विदेश नीति की तीखी आलोचना की। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी के अंतरराष्ट्रीय स्तर के नेताओं से गले लगने के अंदाज पर तंज कसा। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधने के लिए अपनी पार्टी के साथी नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया था।

इस पर संदीप दीक्षित ने इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी का जिक्र करते हुए चुटकी ली, 'मेलोनी समझ कर तो नहीं पकड़ा था?' इस पर भाजपा ने कांग्रेस नेताओं पर पलटवार करते हुए उनकी इन टिप्पणियों को 'शर्मनाक' और 'आपत्तिजनक' करार दिया।

अमित मालवीय ने कांग्रेस नेताओं को घेरा

भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, 'राहुल गांधी और संदीप दीक्षित की टिप्पणियां केवल एक 'लॉकर-रूम बातचीत' से कहीं अधिक परेशान करने वाली सच्चाई को उजागर करती हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'आइए, हम इस विकृति को सभ्य शब्दों के आवरण से न ढकें। घटियापन ठीक इसी बात में है कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं को पेशेवरों, नेताओं और सम्मान की हकदार व्यक्तियों के रूप में देखने के बजाय संतुष्टि की वस्तु बना दिया जाता है। यह राजनीतिक रूप से गलत होने के बारे में नहीं है, बल्कि यह बुनियादी शालीनता का मामला है।'

मालवीय ने तर्क दिया कि जब प्रभावशाली पदों पर बैठे लोग महिलाओं के बारे में इस तरह से अपमानजनक तरीके से बात करते हैं, तो वे अपनी गहरी विकृत मानसिकता को उजागर करते हैं।

Updated on:
14 Aug 2026 02:40 pm
Published on:
14 Aug 2026 02:40 pm