राष्ट्रीय

Rahul Gandhi Press Conference: राहुल गांधी ने सरकार के सामने रखी तीन मांगें, AAP के संजय सिंह ने कहा- पूरा देश सोनम वांगचुक के साथ

Rahul Gandhi press conference: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हाथ में काली पट्टी बांधकर आएं।
2 min read
• •
Updated: 22 Jul 2026, 5:02 PM IST
Rahul Gandhi press conference
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Photo-IANS)

Rahul Gandhi Press Conference: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सीजेपी प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राहुल गांधी ने सरकार के सामने तीन मांगें रखी। पहली- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, दूसरी- युवाओं पर बर्बरता करने वालों को सजा और तीसरी- छात्रों के सामने पीएम नरेंद्र मोदी खेद जताएं।

राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो

इस दौरान उन्होंने हाथ में काली पट्टी भी बांध रखी थी। उन्होंने 20 जुलाई का वीडियो दिखाते हुए छात्रों पर की गई लाठीचार्ज को लेकर उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस सांसद ने कहा कि छात्रों ने आखिर किया ही क्या है, जो सुरक्षा बल उन पर हथियार तान रहे हैं।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा- देश का हर छात्र जो महसूस कर रहा है और जो कर रहा है, उससे हम 100 प्रतिशत सहमत हैं। कुछ दिन पहले जो हुआ, उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसमें छात्रों की कोई गलती नहीं है।

AAP ने भी की प्रेस कॉन्फ्रेंस

इस मामले पर आम आदमी पार्टी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पार्टी के राज्य सभा सांसद संजय सिंह ने कहा- छात्रों के लिए चल रही इस लड़ाई में पूरा देश सोनम वांगचुक के साथ है। बता दें कि वांगचुक करीब 25 दिन से भूख हड़ताल पर है। संजय सिंह ने कहा कि हमें उनके स्वास्थ्य की चिंता है। इसलिए कई सांसदों ने चिट्ठी लिखकर उनसे भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है।

सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग लोकतंत्र को मजबूत करने के नाम पर उल्टा कमजोर कर रहे हैं। लोकतंत्र में चर्चा की जगह सदन है। 

छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। इस पर सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि कल हमारे लोकतंत्र के लिए काला दिन था। जिस तरह छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया गया, उन्हें पीटा गया और उन पर हमला किया गया, वह पूरी तरह अस्वीकार्य है। ऐसा लगा कि उनके खिलाफ हर संभव तरीका अपनाया गया। हमने देखा कि पुलिस ने ऐसे उपकरणों का भी इस्तेमाल किया, जो आमतौर पर आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में इस्तेमाल किए जाते हैं।

Updated on:
22 Jul 2026, 5:02 PM IST
Published on: