कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने CAPF विधेयक को सुरक्षा जवानों के लिए अन्यायपूर्ण बताया है। इसके साथ ही राहुल गांधी PM मोदी पर हमला बोला है।
Rahul Gandhi Opposed CAPF Bill: लोकसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक (CAPF Bill) पारित होने पर राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने इस बिल का विरोध किया है और इसे सुरक्षा जवानों के लिए अन्यायपूर्ण बताया है। राहुल गांधी ने PM मोदी पर भी हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा- मुझे समझ नहीं आ रहा है कि सरकार ऐसा क्यों कर रही है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने CAPF विधेयक का विरोध करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर किया है। राहुल गांधी ने कहा- आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भारत में किसी भी पैरामिलिट्री फोर्स का नेतृत्व ऐसे किसी अधिकारी ने नहीं किया है, जो उसी फोर्स में नीचे के पदों से ऊपर उठकर उस पद तक पहुंचा हो। ऐसी एक भी पैरामिलिट्री फोर्स नहीं है, जिसका नेतृत्व उसी फोर्स के भीतर से उभरा हो। पैरामिलिट्री फोर्स पर शीर्ष नेतृत्व थोपा जाता है। यह पूरी तरह से गलत है। हमने इसका विरोध किया है और सुप्रीम कोर्ट ने भी इसका विरोध किया है।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट की बात को नजरअंदाज कर रही है। CAPF के लिए यह सबसे बड़ा मुद्दा है। मुझे समझ नहीं आता कि आप किसी संगठन के मनोबल की रक्षा कैसे कर सकते हैं, जो अपने ही किसी व्यक्ति को नेतृत्व के पद पर नहीं बिठा सकता। सरकार ने जो किया है, वह अन्यायपूर्ण है। मुझे समझ नहीं आता कि सरकार ऐसा क्यों कर रही है?
राहुल गांधी ने कहा- CAPF विधेयक पारित करने के पीछे कुछ और वजहें हो सकती हैं। हो सकता है कि आजकल चुनावों का माहौल हो। वे यह बिल उस दिन लाए, जब मैं असम के दौरे पर था। मैंने सरकार को मैसेज करके कहा था कि इस बिल को पेश करने में एक-दो दिन की देरी कर दें, लेकिन सरकार ने मना कर दिया। वे नहीं चाहते कि मैं संसद में इस बिल पर बोलूं। कांग्रेस सभी पैरामिलिट्री फोर्स के साथ खड़ी है। जब हम सत्ता में आएंगे तो हम उन्हें न्याय दिलाएंगे।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक 2026 CRPF, BSF, CISF, ITBP और SSB के प्रबंधन, भर्ती और सेवा शर्तों के रेगुलेशन संबंधित है। अभी तक अलग-अलग अर्धसैनिक बलों के लिए सेवा और प्रशासन के नियम भी अलग-अलग थे। यह विधेयक पारित होने से सभी पुराने नियमों को हटाकर एक सिंगल सिस्टम लागू करेगा।
CAPF विधेयक में प्रावधान है कि CRPF में 50 प्रतिशत पद महानिरीक्षक रैंक में प्रतिनियुक्ति द्वारा भरे जाएंगे। कम से कम 67 प्रतिशत पद अतिरिक्त महानिदेशक रैंक में प्रतिनियुक्ति द्वारा भरे जाएंगे। विशेष महानिदेशक और महानिदेशक रैंक के सभी पद केवल प्रतिनियुक्ति द्वारा ही भरे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने में डेढ़ से 2 साल का वक्त लग जाता था, जो की अब 11 महीने में पूरी हो जाएगी।