
Rahul Gandhi On Election Commission: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चुनाव आयोग को 'वोट चोरी आयोग' बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा और आयोग के तरीके बदलते रहते हैं, लेकिन उनका मकसद एक ही है- 'किसी भी कीमत पर BJP की जीत और भारत के लोकतंत्र का अंत।'
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के 2024 लोकसभा और विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए दावा किया कि दोनों चुनावों के बीच अचानक 39 लाख नए मतदाता जुड़ गए थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने उस समय भी इसे 'वोट चोरी' बताया था और आज भी अपने आरोप पर कायम हैं।
राहुल गांधीने पश्चिम बंगाल में 2026 में हुए SIR का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि SIR के दौरान जिन नामों को मतदाता सूची से हटाया गया था, उनमें से 91 फीसदी नाम अपील के बाद दोबारा जोड़ने पड़े। उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि हर 10 में से करीब 9 नाम गलत तरीके से हटाए गए और उन्हें चुनाव के बाद वापस जोड़ा गया।
राहुल गांधी ने कहा कि अब महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ मतदाताओं को ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया है। उनके मुताबिक यह राज्य के हर पांचवें मतदाता के बराबर है। उन्होंने अलग-अलग चुनावों और SIR के आंकड़े शेयर करते हुए सवाल उठाया कि 2024 लोकसभा चुनाव में 9.29 करोड़, 2024 विधानसभा चुनाव में 9.7 करोड़ और 2026 SIR में 7.78 करोड़ मतदाताओं की संख्या सामने आई है। राहुल गांधी ने पूछा, 'कौन सी लिस्ट सही थी?'
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 'वोट चोरी से बनी सरकार' के लिए जनता जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि भाजपा न तो जनता की सुनती है और न ही उसके आदेश को मानती है।
इसी बीच, लुधियाना के जगराओं में राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक जगतार सिंह जग्गा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता रानी झांसी चौक पर जुटे। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी फूंका।