राहुल गांधी ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह का व्यवधान भारत की तेल और गैस आपूर्ति को बाधित कर सकता है, जिससे एलपीजी जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उछाल आएगा।
Rahul Gandhi US Iran War Impact India: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष से भारत पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, खासकर ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर। गांधी ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह का व्यवधान भारत की तेल और गैस आपूर्ति को बाधित कर सकता है, जिससे एलपीजी जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उछाल आएगा। उन्होंने जोर देकर कहा, 'दर्द अभी शुरू हुआ है' और सरकार से अपील की कि वह भारत की ऊर्जा नीति को विदेशी दबाव से मुक्त रखे।
राहुल गांधी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि हर राष्ट्र की आधारशिला उसकी ऊर्जा सुरक्षा है। उन्होंने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा, 'अमेरिका को यह तय करने की अनुमति क्यों दी जा रही है कि हम किस देश से तेल या गैस खरीदें? क्या हम रूस से तेल ले सकते हैं या नहीं, यह फैसला हमारा होना चाहिए, न कि किसी अन्य राष्ट्रपति का।' उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संघर्ष बढ़ा तो एलपीजी की उपलब्धता पर पहले से फैली चिंता और गहरा सकती है, जो आम आदमी की जेब पर भारी पड़ेगी। राहुल गांधी ने लोकसभा में 'कोन्याक नागा' गहने पहनकर एलपीजी कमी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया, जो नागालैंड की संस्कृति का प्रतीक है और संकट की गंभीरता को रेखांकित करता है।
संदर्भ में, पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बढ़ रहे हैं, जो वैश्विक तेल व्यापार का प्रमुख मार्ग है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से तीन बार बातचीत की है, जिसमें जहाजों की सुरक्षा और ऊर्जा प्रवाह की स्थिरता पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन आगे की टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने बताया कि ईरान में करीब 9,000 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें छात्र, समुद्री कर्मी और व्यवसायी शामिल हैं। कई भारतीय पहले ही स्वदेश लौट चुके हैं, जबकि अन्य को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। सरकार भूमि मार्गों से उन्हें अजरबैजान और आर्मेनिया जैसे देशों से निकालने में मदद कर रही है, जहां से वे वाणिज्यिक उड़ानों से भारत आ सकते हैं।
भारत पर पड़ने वाले प्रभावों की बात करें तो तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी। ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में कहा कि फिलहाल ईंधन की कमी नहीं है, लेकिन संघर्ष से कीमतें बढ़ सकती हैं, जो पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था पर बोझ डालेगी। एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं, और यदि होर्मुज बंद हुआ तो घरेलू और व्यावसायिक उपयोग प्रभावित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की 80% से अधिक तेल आयात पर निर्भरता इस संकट को और गंभीर बनाती है। राहुल गांधी ने सरकार से मांग की कि वह वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर ध्यान दे और विदेश नीति को मजबूत करे।