rajiv pratap rudy flight pilot: राजीव प्रताप रूडी सांसद भी हैं और पायलट भी। जानिए क्यों उन्हें समय-समय पर इंडिगो की फ्लाइट उड़ानी पड़ती है।
दिल्ली से पटना जा रही इंडिगो फ्लाइट में खतरनाक टर्बुलेंस ने यात्रियों के होश उड़ा दिए। खराब मौसम की वजह से हिचकोले खाती हुई फ्लाइट पटना में लैंड नहीं हो पा रही थी। कई कोशिशों के बाद पायलट ने फ्लाइट को लखनऊ की ओर मोड़ दिया और सुरक्षित लैंडिंग कराई।
जब यात्री राहत की सांस ले रहे थे, तब कैप्टन ने अनाउंसमेंट किया- 'अब आप तालियां बजा सकते हैं, क्योंकि आप पूरी तरह से सुरक्षित हैं।' कप्तान और कोई नहीं, बल्कि भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी थे। यह घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है।
इस बीच, सबसे बड़ा सवाल यह है कि सांसद रहते हुए भी राजीव को 48 साल की उम्र में कभी-कभी फ्लाइट उड़ने की जरूरत क्यों पड़ती है? तो इसका जवाब भी मिल गया है।
दरअसल, राजीव प्रताप रूडी ने साल 2007 में अमेरिका से कमर्शियल पायलट का लाइसेंस लिया था। उस समय वे राजनीति में सक्रिय हो रहे थे, लेकिन उड़ान का शौक उन्हें छोड़ नहीं पाया। ऐसे में लाइसेंस को वैध रखने के लिए हर दो साल में उन्हें कुछ घंटे उड़ान भरनी जरूरी होती है।
रूडी कहते हैं कि राजनीति में मंत्री या सांसद बनने के बाद फुल टाइम पायलट नहीं रह सकते, लेकिन वह लाइसेंस छोड़ना भी नहीं चाहते थे। इसलिए उन्होंने इंडिगो एयरलाइंस के साथ समझौता किया है। वे बिना सैलरी के यानी ऑनरेरी बेसिस पर कभी-कभी फ्लाइट उड़ाते हैं। यह शौक भी है और लाइसेंस बचाने की मजबूरी भी।
रूडी कई बार ऐसी फ्लाइट उड़ा चुके हैं जिनमें उनके साथी सांसद और मंत्री सवार थे। एक बार उन्होंने शिवराज सिंह चौहान, अश्विनी वैष्णव और जितेंद्र सिंह जैसे नेताओं को उड़ाया। एक बार डीएमके सांसद दयानिधि मारन हैरान रह गए जब उन्हें पता चला कि पायलट उनके संसदीय साथी हैं।
रूडी देश के इकलौते सांसद हैं जिन्होंने कमर्शियल फ्लाइट उड़ाई है। लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी उनका नाम दर्ज है। वे कहते हैं कि उड़ान उनका पुराना शौक है। राजनीति बाद में आई।
7 मई 2026 को फ्लाइट नंबर 6E6497 दिल्ली से पटना जा रही थी। 181 यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे। पटना के पास खराब मौसम और तेज टर्बुलेंस की वजह से लैंडिंग नहीं हो पाई। रूडी ने शांति से फ्लाइट लखनऊ डायवर्ट की और रात 10:49 बजे सुरक्षित लैंडिंग कराई। बाद में फ्लाइट पटना के लिए रवाना हुई।