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ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर टकराव! जयराम रमेश ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लिखी तीसरी चिट्ठी, जानें क्या कहा?

Great Nicobar Project: अपने पत्र में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सरकार द्वारा इस परियोजना को सुरक्षा संबंधी सर्वोपरि बताकर उचित ठहराए जाने को चुनौती दी, जबकि यह एक व्यावसायिक उद्यम था।

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May 17, 2026
जयराम रमेश (ANI)

Rajnath Singh Letter Jairam Ramesh Great Nicobar: कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने ग्रेट निकोबार द्वीप समूह (जीएनआई) परियोजना के विरोध में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा है। कांग्रेस नेता इसमें द्वीप पर मौजूदा क्षा संपत्तियों के विस्तार को विकल्प के रूप में विचार करने का आग्रह किया। आपको बता दें कि कांगेस महासचिव द्वारा लिखा गया यह तीसरा पत्र है। इससे पहले एक मई और 13 मई को लिखा गया था।

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सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

अपने पत्र में रमेश ने सरकार द्वारा इस परियोजना को सुरक्षा संबंधी सर्वोपरि बताकर उचित ठहराए जाने को चुनौती दी, जबकि यह एक व्यावसायिक उद्यम था। उन्होंने स्वीकार किया कि राष्ट्र की रक्षा को मजबूत करने और भारत की रणनीतिक क्षमताओं को विश्वसनीय रूप से प्रदर्शित करने की आवश्यकता पर कोई दो राय नहीं हो सकती, लेकिन साथ ही उन्होंने तर्क दिया कि जीएनआई परियोजना अपने वर्तमान स्वरूप में पर्यावरणीय आपदा का कारण बन सकती है।

मौजूद रक्षा संपत्तियों की सूची का किया जिक्र

कांग्रेस सांसद ने अंडमान और निकोबार कमांड से लेकर कैम्पबेल बे में स्थित आईएनएस बाज, आईएनएस करदीप, आईएनएस कोहासा, आईएनएस उत्क्रोश, आईएनएस जरावा और कार निकोबार वायुसेना स्टेशन तक मौजूद रक्षा संपत्तियों की सूची देते हुए इन संपत्तियों के विस्तार के लिए तर्क प्रस्तुत करने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि ग्रेट निकोबार द्वीप समूह के कैम्पबेल खाड़ी में स्थित आईएनएस बाज को जुलाई 2012 में चालू किया गया था। लेकिन मौजूदा रनवे की लंबाई को कम से कम तीन गुना करने और एक नौसैनिक जेटी बनाने की योजना लगभग पांच वर्षों से मंजूरी की प्रतीक्षा कर रही है। इन योजनाओं का पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव भी काफी कम है।

उन्होंने आगे कहा कि दूसरा, अंडमान और निकोबार कमांड की कुछ ऐसी संपत्तियां भी हैं जो कई साल पहले बनाई गई थीं और जिनका विस्तार पर्यावरण पर बहुत कम लागत के साथ किया जा सकता है। इनमें आईएनएस करदीप, आईएनएस कोहस्सा, आईएनएस उत्क्रोश, आईएनएस जरावा और कार निकोबार वायुसेना स्टेशन शामिल हैं।

रमेश ने रक्षा मंत्री से उपरोक्त विकल्पों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया, जो उन्होंने आगे कहा कि स्वयं प्रतिष्ठित नौसेना अधिकारियों द्वारा अपने लेखों में प्रस्तावित किए गए थे।

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Published on:
17 May 2026 03:30 pm
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