
Ayodhya Ram Mandir donation fund Recovered : राम मंदिर के दानपात्र से धन के कथित गबन के मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा के घर से करीब 10 लाख रुपये बरामद किए गए है। कार्रवाई राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में की गई। आरोप है कि 27 वर्षीय लवकुश मिश्रा, जो राम मंदिर में कर्मी के रूप में कार्यरत था। लवकुश दानपात्र में चढ़ाए गए धन के गबन में शामिल रहा। छापेमारी के दौरान बरामद नकदी को जांच टीम अपने साथ ले गई। अब आरोपी के पिता बच्चूलाल का बयान सामने आया है।
आरोपी के पिता बच्चूलाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उनसे पूछा जा गया, क्या नाम है आपको? उन्होंने अपना नाम बच्चूलाल बताया और कहा कि वे लवकुश के पिता है। बच्चूलाल ने बताया कि वे चार—पांच महीनों से वहां नौकरी करते थे। तलाशी के दौरान पैसे भी बरामद हुए है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जो होना था वो गया।
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। अधिकारियों के मुताबिक, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह SIT बनाई गई। SIT में लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर और IAS अधिकारी विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक (IG) और IPS अधिकारी किरण एस तथा वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। उन्हें 7 दिनों के भीतर शुरुआती रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि लवकुश पहले कार मिस्त्री का काम करता था। शादी के बाद करीब एक वर्ष से मंदिर ट्रस्ट में नौकरी मिली थी। गांव के लोगों का कहना है कि नौकरी मिलने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति में अचानक बदलाव आने लगा। स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव आने पर वह जमकर खर्चा करता था।