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राम मंदिर दान मामला: RSS नेता इंद्रेश कुमार बोले- ट्रस्ट के लिए कोई अपना-पराया नहीं, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई

RSS नेता Indresh Kumar ने राम मंदिर दान पेटी चोरी मामले की जांच पर भरोसा जताते हुए कहा कि दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने तिब्बत को लेकर चीन के नए कानून का भी विरोध किया।
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Jul 03, 2026
Indresh Kumar
आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार (IANS Photo)

Ram Mandir Donation: अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी मामले को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। RSS नेता इंद्रेश कुमार ने जांच प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि सरकार, संगठन और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिए कोई भी सबसे करीबी या प्रिय नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और इस मामले का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।

'सरकार और ट्रस्ट के लिए कोई अपना-पराया नहीं'

इंद्रेश कुमार ने कहा कि न्याय सभी के लिए समान होना चाहिए और जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार, संगठन और ट्रस्ट के लिए कोई भी सबसे करीबी या प्रिय नहीं होता। संघ हमेशा से ही सबके साथ न्याय होने की बात कहने के लिए जाना जाता रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

श्रद्धालुओं की आस्था को पहुंची ठेस

इससे पहले RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा था कि राम मंदिर में चंदा चोरी की घटना ने देशभर के राम भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्री राम लला मंदिर में रखी दान पेटी से चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे समाज और राम भक्तों की भावनाओं और श्रद्धा को आहत किया है। हम सभी इस घटना से आहत हैं। होसबाले ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT का गठन किया है और उसकी सिफारिशों के आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

दत्तात्रेय होसबाले के बयान का किया समर्थन

इंद्रेश कुमार ने RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी बात देश के लाखों स्वयंसेवकों और करोड़ों लोगों की भावना है। उन्होंने कहा, आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने जो कहा है, वह इस देश के लाखों-करोड़ों स्वयंसेवकों और करोड़ों लोगों की आवाज है। देश के राजनेताओं को इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। सरकार, संगठन और ट्रस्ट निश्चित रूप से न्याय करेंगे हमें इस पर भरोसा रखना चाहिए और इंतजार करना चाहिए।

इंद्रेश कुमान ने चीन के नए कानून का विरोध किया

इंद्रेश कुमार ने इस दौरान अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने तिब्बत में चीन के जातीय एकता और प्रगति को बढ़ावा देने वाला कानून की आलोचना करते हुए कहा कि चीन की ओर से तिब्बत पर कब्जा करने की कोई भी कोशिश अमानवीय और असंवैधानिक है। तिब्बत कभी भी चीन का हिस्सा नहीं रहा है। चीन और दुनिया, दोनों ही यह बात जानते हैं। इसलिए, तिब्बत की संस्कृति, शिक्षा और पहचान पर चीन का कोई भी हमला उचित नहीं है।

Updated on:
03 Jul 2026 09:04 pm
Published on:
03 Jul 2026 09:04 pm