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राम मंदिर चंदा चोरी मामला: SIT रिपोर्ट में चंपत राय का नाम नहीं, अनिल मिश्रा की भूमिका पर उठें सवाल

राम मंदिर चढ़ावा मामले की SIT रिपोर्ट में कई अहम खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट में चंपत राय का नाम नहीं है जबकि अनिल मिश्रा की भूमिका और टिन्नू यादव को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणियां की गई हैं।
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Jul 06, 2026
Ayodhya Ram Mandir,
Ayodhya Ram Mandir,patrika photo

Ram Mandir SIT Report: राम मंदिर चढ़ावा मामले की SIT रिपोर्ट में कई अहम बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट में चंपत राय का नाम नहीं है। वहीं, अनिल मिश्रा को नियमों की अनदेखी के लिए जिम्मेदार बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें गड़बड़ी की जानकारी भी थी। टिन्नू यादव की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। SIT रिपोर्ट में अप्रैल से पहले का CCTV फुटेज उपलब्ध नहीं है, जबकि उपलब्ध फुटेज में 6 लोग जिसमें अविनाश, अनुकल्प, लवकुश, करुणेश, मनीष और रामशंकर दिखाई दिए हैं।

'सीसीटीवी फुटेज में 70 बार चोरी रिकॉर्ड '

अयोध्या पर एसआईटी की शुरुआती जांच रिपोर्ट में कई खुलासे हुए है। एसआईटी के अनुसार, कर्मचारियों को नोट छिपाते देखा गया। सीसीटीवी फुटेज में 70 बार चोरी रिकॉर्ड हुई है। चढ़ावे की गिनती में गंभीर चूक हुई। कई कर्मचारियों की मिलीभगत से चोरी हुई है। चोरी की घटनाएं कई बार हुई। 6 लोगों की संलिप्तता दिखी है। कैश ले जाने की व्यवस्था सही नहीं थी। टिन्नू यादव की भूमिका पर सवाल उठे है। आरोपियों के पास बड़ी मात्रा में नकदी मिली है।

'कौन दोषी है यह तय करना SIT और कोर्ट की जिम्मेदारी'

राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने कहा कि SIT तय करेगी कि नतीजा क्या होना चाहिए। कौन दोषी है और कौन नहीं, यह तय करना SIT और कोर्ट की जिम्मेदारी है। यह दूसरे लोगों को तय नहीं करना है, यहाँ तक कि हमें भी नहीं। हां, चंपत राय का इस्तीफ़ा मंज़ूर कर लिया गया है।

दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए - बीजेपी नेता दिनेश शर्मा

श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर बीजेपी नेता दिनेश शर्मा ने कहा कि ये ट्रस्ट के फैसले थे, ये उन्हीं के फैसले हैं। मुख्यमंत्री ने इस मामले का संज्ञान लिया, SIT बनाई गई, FIR के बाद कार्रवाई हो रही है और गिरफ्तारियां भी हुई हैं। ये फैसले इसलिए लिए गए ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। यह आस्था का भी मामला है, 500 साल बाद मंदिर बना है और कई कार सेवकों ने बलिदान दिया है। जो लोग भगवान राम को काल्पनिक बताते थे, वे अब इस पर बात कर रहे हैं। यह आस्था का विषय है, इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, मुख्यमंत्री ने भी यही कहा है।

Updated on:
06 Jul 2026 09:28 pm
Published on:
06 Jul 2026 08:57 pm