मणिपुर के कामजोंग जिले में म्यांमार से हथियारबंद उग्रवादी घुस आए और बॉर्डर से लगे गांवों पर हमला कर दिया। उग्रवादियों ने कई घरों में आग भी लगा दी।
मणिपुर के कामजोंग जिले में भारत-म्यांमार बॉर्डर के पास गुरुवार को हथियारबंद उग्रवादियों ने कई सीमावर्ती गांवों पर हमला कर घरों में आग लगा दी। पुलिस के अनुसार उग्रवादियों ने कसोम खुल्लेन थाना क्षेत्र के तांगखुल नगा बहुल गांवों को निशाना बनाया गया। हमले के बाद गांव के लोग जान बचाने के लिए पास के जंगलों में भाग गए। भागने के दौरान एक बुज़ुर्ग महिला घायल हो गई। प्रभावित गांव अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित हैं।
ग्रामीणों के अनुसार नामली में दो, वांगली में तीन-चार घर जलकर खाक हो गए, जबकि चोरो गांव में चर्च को छोड़कर कई मकान आग की चपेट में आ गए। कई घरों में लूटपाट भी हुई। चोरो, अलोयो, नामली और वांगली के अधिकांश निवासी इलाका छोड़कर भाग गए हैं। बाद में असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायज़ा लिया।
फुंग्यार विधायक एल. कीशिंग ने आरोप लगाया कि हमला म्यांमार स्थित कुकी नेशनल आर्मी (बर्मा) और पीपुल्स डिफेंस फोर्स (पीडीएफ) के उग्रवादियों ने किया। उन्होंने इसे 'बाहरी आक्रमण' बताते हुए कहा कि राज्य और केंद्र सरकार को इस मामले पर चुप नहीं रहना चाहिए। विधायक ने दावा किया कि एक महिला समेत दो लोगों को उग्रवादी अगवा कर ले गए हैं। दक्षिणी तांगखुल छात्र संघ (टीएकेएल) ने आरोप लगाया कि करीब 100 सशस्त्र उग्रवादी बॉर्डर पार कर कामजोंग जिले में घुसे और कई गांवों पर हमला किया। संगठन ने प्रभावित क्षेत्रों में मणिपुर पुलिस कमांडो की तत्काल तैनाती की मांग की है और कथित सुरक्षा चूक पर जवाब मांगा है।