ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने भारत में एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट अमेरिका-इजराइल जैसे दुश्मनों के लिए बंद है, जबकि अन्य देशों के लिए खुला रहेगा। यह बयान बिहार से दिया गया।
ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही इस वक्त भारत में हैं। अमेरिका-इजराइल के साथ चल रहे युद्ध पर उन्होंने रविवार को एएनआई के साथ बात की। इस दौरान उन्होंने बिहार से ही हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा बयान दिया है।
अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने इंटरव्यू के दौरान साफ कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट तेहरान के दुश्मनों के लिए बंद है, जबकि अन्य देश इससे गुजरने के लिए स्वतंत्र हैं।
अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि कुछ भारतीय जहाज हॉर्मुज से होकर गुजरे हैं और उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सिलसिला जारी रहेगा।
28 फरवरी को शुरू हुए इस युद्ध के समाप्त होने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि यह उन देशों पर निर्भर करता है जिन्होंने इस युद्ध की शुरुआत की थी।
अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने आगे कहा कि अगर ईरान पर हमले बंद हो जाते हैं, तो युद्ध समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा- अमेरिका-इजराइल ने ही हमले शुरू किए और कई नागरिकों को मार डाला। यदि वे इसे रोक देते हैं, तो युद्ध समाप्त हो जाएगा।
यह पूछे जाने पर कि क्या भारत अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में कोई भूमिका निभा सकता है, उन्होंने कहा- सभी देश इस युद्ध को रोकने में एक अच्छी भूमिका निभा सकते हैं।
पश्चिम एशिया संघर्ष में पाकिस्तान की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा- इस युद्ध में उनकी कोई भूमिका नहीं है। पाकिस्तान के माध्यम से ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की बात सच नहीं थी, क्योंकि वे (अमेरिका) केवल तेल की कीमतों में हो रही वृद्धि को रोकना चाहते थे। वे तो बस कुछ देशों का इस्तेमाल करना चाहते थे।
यह पूछे जाने पर कि क्या भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी जानी चाहिए, उन्होंने कहा- हां, अब तक कुछ भारतीय जहाज वहां से गुजर चुके हैं और मुझे उम्मीद है कि यह सिलसिला जारी रहेगा।
अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने आगे कहा- इस युद्ध से पहले, कोई समस्या नहीं थी। इसका मतलब है कि सभी संघर्षों और संकटों का मूल कारण यही युद्ध है। समस्या यह नहीं है कि ईरान अनुमति देता है या नहीं।
उन्होंने कहा- यह एक सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। कुछ दुश्मन देश जो ईरान पर हमला करने के लिए इस स्ट्रेट का उपयोग करते हैं, उन्हें अनुमति नहीं है; लेकिन अन्य देश वहां से गुजरने के लिए स्वतंत्र हैं।
अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने बताया कि उन्हें पटना के कुछ लोगों ने आमंत्रित किया था और वे शहर में आकर उन्हें उनकी एकजुटता, सहानुभूति और संवेदनाओं के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं।