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छोटे-छोटे शहरों में भी बढ़ रहा क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का जोखिम

Cryptocurrency Investment: क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का जोखिम अब छोटे-छोटे शहरों में भी बढ़ रहा है। क्या है पूरा मामला? आइए जानते हैं।
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Sep 01, 2026
Cryptocurrency
क्रिप्टोकरेंसी (Representational Photo)

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश (Cryptocurrency Investment) का जोखिम उठाने वाले लोग अब सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रहे। यह खतरनाक ट्रेंड तेज़ी से पूरे देश में फैल रहा है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्य देश के शीर्ष 6 निवेश केंद्रों में शामिल हो चुके हैं और नए निवेश हब के रूप में उभर रहे हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली, जो अब तक क्रिप्टोकरेंसी निवेश में आगे रहे हैं अब क्रमश: दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर खिसक गए हैं। चिंता की बात यह है कि क्रिप्टोकरेंसी का विस्तार ऐसे समय हो रहा है जब इसके लिए अब तक कोई ठोस नियामक ढांचा नहीं है।

पूरी तरह से नहीं है रेगुलेटेड

भारत में क्रिप्टोकरेंसी पूरी तरह से रेगुलेटेड नहीं है। इसलिए भारत (India) में इससे जुड़े ज़्यादातर आंकड़े निजी क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म्स और एक्सचेंजों की रिपोर्ट्स से ही मिल रहे हैं। इन रिपोर्ट्स के अनुसार डिजिटल एसेट रखने वालों की संख्या पहले से कहीं ज़्यादा बढ़ी है, जिससे पूरे सेक्टर को विस्तार मिल रहा है। निवेश के पैटर्न में विविधता आ रही है और भौगोलिक फैलाव भी लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ जोखिम भी उतनी ही तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

'सेल्फ-रेगुलेटरी' बनाने की सिफारिश

बीते महीने संसद में पेश हुई 36वीं रिपोर्ट में वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने सुझाव दिया कि जब तक व्यापक कानून नहीं बनता, तब तक रिज़र्व बैंक या सेबी की निगरानी में एक सेल्फ-रेगुलेटरी संस्था इस क्रिप्टोकरेंसी सेक्टर पर नज़र रखे। भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली इस समिति ने ब्रिटेन, सिंगापुर, अमेरिका और यूरोपीय संघ के मॉडलों का अध्ययन किया। रिज़र्व बैंक ने पहले क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2020 में पलट दिया। इसके बाद 2022-23 के बजट में मौजूदा टैक्स ढांचा लागू किया गया, जो अब तक सेक्टर के लिए एक तरह से बुनियादी नियम की भूमिका निभा रहा है।

वर्तमान हालात

क्रिप्टोकरेंसी सेक्टर में करीब 11.8 करोड़ निवेशक हैं और इनमें से तीन-चौथाई छोटे शहरों से हैं। ब्लॉकचेन डेटा कंपनी चेन एनालिसिस का दावा है कि भारत लगातार तीसरे साल दुनिया में जमीनी स्तर पर सबसे तेज़ क्रिप्टोकरेंसी अपनाने वाला देश बना हुआ है। एक्सचेंज मुद्रेक्स के जून 2026 सर्वे 'हाउ इंडिया ट्रेड्स क्रिप्टो-2026' में 22 राज्यों के 6,120 निवेशकों से बातचीत की गई। इसमें सामने आया कि भारत में करीब 11.8 करोड़ सक्रिय निवेशक हैं, जिनमें से 52% टियर-2 शहरों से हैं। कॉइनस्विच ने 2025 में दावा किया था कि टियर-2, 3 और 4 शहरों के निवेशक मिलकर करीब 75% क्रिप्टोकरेंसी गतिविधियाँ संभाल रहे हैं। कॉइनडीसीएक्स की सालाना रिपोर्ट के अनुसार,40% यूज़र टियर-2 और 3 शहरों से हैं, वहीं 2025 में महिला निवेशकों की भागीदारी दोगुनी हो गई।

Updated on:
01 Sept 2026 01:16 am
Published on:
01 Sept 2026 01:12 am