
असम के 8 मजदूर लौटे घर
Nepal Flood Latest News: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बीच फंसे असम के आठ मजदूर सुरक्षित अपने घर लौट आए। इससे उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है, लेकिन उनके साथ काम करने वाले असम के आठ अन्य लोग अब भी लापता हैं। सभी मजदूर नेपाल के पहाड़ी इलाके में स्थित अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। बाढ़ के दौरान अचानक घाटी में मलबे और पानी का तेज बहाव आया, जिसने रास्ते में आने वाले इलाकों को भारी नुकसान पहुंचाया। जान बचाने के लिए मजदूरों का समूह पहाड़ी की ऊंचाई पर पहुंच गया, जहां उन्हें करीब दो दिन तक बिना भोजन और साफ पानी के रहना पड़ा।
बाढ़ से बचकर लौटे मजदूरों में शामिल पंकज बरमन ने उस भयावह घटना को याद करते हुए बताया कि अचानक इतनी तेज आवाज आई कि उन्हें समझ नहीं आया कि क्या हुआ है। इसके बाद सभी लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। मजदूरों ने किसी तरह पहाड़ी पर पहुंचकर खुद को सुरक्षित रखा। वहां करीब दो दिन तक उनके पास न तो खाने का पर्याप्त इंतजाम था और न ही पीने के लिए साफ पानी।
दो दिन तक पहाड़ी पर फंसे रहने के बाद नेपाली सेना के हेलीकॉप्टरों की नजर मजदूरों पर पड़ी। इसके बाद उन्हें पानी और बिस्किट उपलब्ध कराए गए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार होजाई जिले के रहने वाले गौतम दास ने बताया कि इसके करीब दो दिन बाद उन्हें वहां से निकालकर काठमांडू पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी उनके बेहद करीब आ गया था, लेकिन वह किसी तरह उससे बचने में सफल रहे। गौतम दास ने अपने अनुभव को याद करते हुए कहा कि उन्होंने मौत को बेहद करीब से देखा और खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि उनकी जान बच गई।
नेपाल से सुरक्षित लौटने वाले आठ मजदूरों में गौतम दास और पंकज बरमन के अलावा गोपाल चंद देबनाथ, समर बेजबरुआ, सर्विशन मराक, सनेश्वर नरजारी, सिल्वा मराक और एलिप्सन संगमा शामिल हैं। अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में असम के कुल 13 लोग काम कर रहे थे। बाढ़ के बाद इनमें से आठ सुरक्षित निकलकर वापस असम पहुंच चुके हैं।
Updated on:
31 Aug 2026 10:31 pm
Published on:
31 Aug 2026 10:26 pm
