राष्ट्रीय

‘जनता की सुरक्षा का दावा करते थे, अब खुद मांग रहे सुरक्षा’, अभिषेक बनर्जी पर ऋतब्रत की टिप्पणी

Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में ऋतब्रत बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर पुलिस अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने राज्य सरकार से स्वतः संज्ञान लेकर केस दर्ज करने की मांग की।
2 min read
• •
Updated: 30 Oct 2026, 10:20 PM IST
Ritabrata Banerjee
ऋतब्रत बनर्जी (Photo-IANS)

Ritabrata Banerjee: पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। अभिषेक की ओर से पुलिस अधिकारियों को दी गई कथित चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए ऋतब्रत ने राज्य सरकार से उनके खिलाफ स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज करने की मांग की। उन्होंने अभिषेक की सुरक्षा और उनके राजनीतिक बयानों को लेकर भी सवाल उठाए। ऋतब्रत बनर्जी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी पुलिस अधिकारियों को धमका रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और उनके बयान पर कार्रवाई करनी चाहिए।

'अभिषेक बनर्जी के बयानों पर सरकार दर्ज करे केस'


अभिषेक बनर्जी की पुलिस अधिकारियों को दी गई चेतावनी पर ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि उनके बयान को देखते हुए राज्य सरकार को स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक जिस तरह पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को संबोधित कर रहे हैं, वह ठीक नहीं है।

ऋतब्रत ने अभिषेक की सुरक्षा को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पहले अभिषेक ने जनता की सुरक्षा होने की बात कही थी, लेकिन अब उन्होंने सुरक्षा की मांग करते हुए अदालत का रुख किया है। ऋतब्रत ने चुनौती देते हुए कहा कि अभिषेक अकेले अपने घर से निकलकर काली माता मंदिर तक जाने की कोशिश करें।

अभिषेक की शैक्षणिक योग्यता पर भी की टिप्पणी


ऋतब्रत बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी की शिक्षा को लेकर भी व्यक्तिगत टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अभिषेक ने केवल 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और इसी संदर्भ में उनके व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने अभिषेक पर अहंकार दिखाने का आरोप लगाया। ऋतब्रत ने कहा कि जनता ने चुनाव में सरकार बदलने का जनादेश दिया है, लेकिन इसके बावजूद अभिषेक के बयानों में आक्रामकता दिखाई दे रही है। उन्होंने अभिषेक के लिए 'चार्टर्ड माफिया' जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया।

चुनाव आयोग के हलफनामों पर भी दिया बयान


पश्चिम बंगाल में विधायकों के समर्थन और नेता प्रतिपक्ष के चयन से जुड़े विवाद पर चुनाव आयोग की ओर से दोनों गुटों से हलफनामे मांगे जाने के सवाल पर ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि 18वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और मुख्य विपक्षी सचेतक के चयन के समय उनकी ओर से जरूरी संख्या में विधायकों के हस्ताक्षर और नाम स्पीकर को सौंपे गए थे। उन्होंने दावा किया कि स्पीकर को दिए गए दस्तावेजों में विधायकों के हस्ताक्षरों की संख्या विपक्षी पक्ष की ओर से जमा कराए गए हलफनामों से ज्यादा है। ऋतब्रत ने कहा कि चुनाव आयोग जब इन आंकड़ों को सार्वजनिक करेगा, तब स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

Updated on:
30 Oct 2026, 10:20 PM IST
Published on: