कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। विदेश यात्रा को लेकर शर्तों के उल्लंघन मामले में ईडी ने उनकी शिकायत कोर्ट में दर्ज की है। इसको लेकर कोर्ट भी सख्त नजर आ रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद और प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मामला विदेश यात्रा की शर्तों के उल्लंघन का है। रॉबर्ट वाड्रा ने बुधवार को दिल्ली के एक कोर्ट में सुनवाई के दौरान माफी मांगने की बात कही। उन्होंने दलील दी कि विदेश यात्रा के आवेदन में गलती से एक शब्द बदल गया था। हलफनामे में रॉबर्ट वाड्रा ने लिखा कि उन्होंने भूलवश ऐसा कर दिया। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।
रॉबर्ट वाड्रा को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने विदेश यात्रा की शर्तों के उल्लंघन को लेकर अर्जी दाखिल की थी। इसको लेकर दिल्ली स्थिति कोर्ट में रॉबर्ट वाड्रा ने अपना पक्ष रखते हुए माफी मांगी है।
रॉबर्ट वाड्रा ने अपना पक्ष देते हुए कहा कि, उन्हें ‘दुबई के लिए’ लिखना था, लेकिन उन्होंने ‘दुबई के जरिए’ लिखा था। वाड्रा की इस गलती के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ED ने कोर्ट में उनके खिलाफ कार्रवाई की अर्जी दी।
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वहीं वाड्रा का पक्ष सुनने के बाद गुरुवार को दिल्ली कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। कोर्ट इससे पहले रॉबर्ट वाड्रा की उस दलील को मंजूर करने से इनकार कर चुका है कि वो इस साल अगस्त के महीने में मेडिकल इमरजेंसी यानी इलाज कराने के लिए दुबई में रुक गए थे।
अदालत ने वाड्रा को नोटिस भेजकर पूछा है कि उनकी जमानत वाली बैंक एफडी क्यों न जब्त कर ली जाए? ये मामला रॉबर्ट के विदेश दौरे का है। इस वर्ष 12 अगस्त को दिल्ली के कोर्ट ने उनको 4 हफ्ते के लिए यूएई, स्पेन और इटली से होते हुए ब्रिटेन जाने की मंजूरी दी थी।
रॉबर्ट वाड्रा ने यात्रा से पहले सभी स्थानों, टिकट और ठहरने की जगह का पता बताकर एक हलफनामा दाखिल किया था। वाड्रा के वकीलों ने कोर्ट को बाद में बताया कि आगे की यात्रा पर जाने से पहले उनके क्लाइंट पहले यूएई में रहे।
इसकी वजह पैर में डीप वेन थ्रॉम्बोसिस होना बताया गया। वकीलों ने बताया कि पैर में सूजन और दर्द की वजह से रॉबर्ट वाड्रा ने दुबई में मेडिकल सलाह ली।
उनका इलाज हुआ और फिर वो आगे की यात्रा पर गए। उनका कहना था कि ब्रिटेन की यात्रा के दौरान यूएई में रुकना किसी शर्त के उल्लंघन के इरादे से नहीं था और न ही उन्होंने कोर्ट को गुमराह किया। लेकिन प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में वाड्रा के सभी तर्कों का विरोध किया और कार्रवाई की मांग की।
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