
AI Data Centre Project: महाराष्ट्र के उजनी बांध पर प्रस्तावित एआई डेटा सेंटर और अन्य परियोजनाओं को लेकर विरोध तेज हो गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के विधायक रोहित पवार ने साफ कहा कि पानी और बिजली की भारी खपत करने वाले प्रोजेक्ट किसी भी हालत में यहां शुरू नहीं होने देंगे। उन्होंने सरकार से दो महीने के भीतर प्रभावित लोगों की जनसुनवाई कराने और जनता की मांग के अनुसार परियोजना रद्द करने की मांग की।
रोहित पवार ने कहा कि अगर क्षेत्र में सेमीकंडक्टर जैसे उद्योग लगाए जाते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा, लेकिन पानी और बिजली की बहुत ज्यादा खपत करने वाली परियोजनाएं स्वीकार नहीं की जाएंगी। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं को दुनिया ने ही नहीं, बल्कि गुजरात ने भी स्वीकार नहीं किया, उन्हें महाराष्ट्र के लोगों पर थोपने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने उजनी बांध पर प्रस्तावित एआई डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर परियोजनाओं का विरोध किया। साथ ही सरकार से प्रभावित लोगों की बात सुनने और उनकी मांग के अनुसार फैसला लेने को कहा।
रोहित पवार ने सरकार की ओर से जारी एक विज्ञप्ति पर भी सवाल उठाए। इसमें ग्रीन हाइड्रोजन और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर परियोजनाएं रद्द करने की जानकारी दी गई थी। पवार का कहना था कि मुख्यमंत्री की ओर से घोषित समझौता ज्ञापन (एमओयू) में इन परियोजनाओं का उल्लेख है, जबकि अब इन्हें रद्द करने की बात कही जा रही है। उन्होंने इस मामले में सरकार पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया और संबंधित अधिकारी को तत्काल निलंबित करने की मांग की। रोहित पवार ने जिले के पालकमंत्री जयकुमार गोरे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि होटल में बैठकर काम करने और लोगों को धमकाने वाले पालकमंत्री से जनता को क्या फायदा होगा।
वहीं सांसद धैर्यशील मोहिते पाटिल ने कहा कि किसी भी कीमत पर इन परियोजनाओं को स्वीकार नहीं किया जाएगा। अगर इन्हें लोगों पर थोपने की कोशिश हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक परियोजना रद्द करने की आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक यहां किसी भी तरह का भूमिपूजन नहीं होने दिया जाएगा। राष्ट्रीय समाज पक्ष के अध्यक्ष महादेव जानकर ने भी परियोजनाओं का विरोध किया और सरकार के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।