राष्ट्रीय

RSS प्रमुख मोहन भागवत के बेलगावी दौरे से पहले कड़ी सुरक्षा, 2 किमी क्षेत्र ‘नो फ्लाई जोन’ घोषित

Mohan Bhagwat Belagavi tour: RSS प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित बेलगावी दौरे के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस संबंध में कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियांक खरगे की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं की गई है, जबकि पूर्व में उनके दिए बयान राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं।
2 min read
Karnataka: RSS chief Mohan Bhagwat Belagavi city Visit.
RSS प्रमुख मोहन भागवत (Photo/ANI)

RSS Chief Mohan Bhagwat Karnataka's Belagavi city Visit: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कर्नाटक के बेलगावी दौरे से पहले शहर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जिला प्रशासन ने इसके लिए कार्यक्रम स्थल के दो किमी के आसपास को 'नो फ्लाई जोन' घोषित किया है। इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

इस संबंध में बेलगावी के जिला मजिस्ट्रेट ने BNSS 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, 6 जुलाई से 14 जुलाई तक तीन कार्यक्रम स्थलों के आसपास 2 किमी के दायरे को रेड जोन अथवा नो फ्लाइ जोन घोषित किया है।

आदेश के अनुसार, जिन स्थानों पर आरएसएस की बैठकें आयोजित होंगी, उनमें निम्नलिखित शामिल हैं: 1- बेलगावी फाउंड्री सृष्टार गेस्ट हाउस, अंगोल इंडस्ट्रियल एरिया, उद्योगबाग, 2- संत मीरा स्कूल, सह्याद्री कॉलोनी, भाग्यनगर एक्सटेंशन, अंगोल, 3- श्री जगन्नाथ राव जोशी समदर्शन भवन, गोडसद रोड, शास्त्री नगर, खड़े बाजार।

इन इलाकों की सुरक्षा और जनहित को ध्यान को रखते हुए UAV, UAS, ड्रोन और पैराग्लाइडर के संचालन पर रोक लगाई गई है। यह प्रतिबंध RSS प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति वाले कार्यक्रमों के मद्देनजर लगाया गया है। इस संबंध में पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि इन प्रतिबंधों की सख्ती से पालना की जाए।

कर्नाटक के गृहमंत्री नहीं आई कोई टिप्पणी

कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियांक खरगे की तरफ से सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की गई है, लेकिन RSS को अपने पूर्व बयानों की वजह से यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर RSS को निशाना बनाने का आरोप लगाया है, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि सभी कार्यक्रमों में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।

प्रियांक खरगे ने RSS को लिखा था खुला पत्र

कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियांक खरगे ने आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सरसंघचालक मोहन भागवत को खुला पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने संठन की कानूनी स्थिति, वित्तीय पारदर्शिता और संवैधानिक स्पष्टीकरण मांगा था। उन्होंने RSS से उसके संवैधानिक दर्जे और वित्तीय अनुपालन को लेकर भी सवाल किए। उनके इस बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया। भाजपा और उससे जुड़े संगठनों ने इसको लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।

विवाद कुछ इस तरह बढ़ गया कि प्रियांक खरगे और मोहम्मद हारिस नलापड़ को हाल ही में बेंगलुरु की अदालत ने समन जारी किया। अदालत ने RSS के खिलाफ कथित मानहानिकारक टिप्पणियों से संबंधित निजी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की।

RSS के सम्मेलन और उससे जुड़े राजनीतिक बयानों के बीच बेलगावी पुलिस ने कहा है कि कार्यक्रमों के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए शहर और कार्यक्रम स्थलों के आसपास निगरानी, वाहन जांच और पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।

Updated on:
05 Jul 2026 09:32 am
Published on:
05 Jul 2026 09:23 am