
Sambit Patra on Rahul Gandhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भाजपा ने उन पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी युवाओं को आगे करके देश में विभाजन की राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि उनकी टिप्पणी प्रदर्शन में शामिल युवाओं के खिलाफ नहीं बल्कि राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीति के खिलाफ है।
संबित पात्रा ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल सभी युवा देश का भविष्य हैं। उनका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा मुस्कान शर्मा हों या मुस्कान खान दोनों इस देश की बेटियां हैं। भारत सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से आगे बढ़ता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी युवाओं के जरिए समाज में विभाजन पैदा करना चाहते हैं। पात्रा ने कहा कि इस तरह की राजनीति देश के हित में नहीं है और भाजपा इसका विरोध करती है।
संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी संसद के अंदर अपनी बात प्रभावी ढंग से नहीं रख पा रहे हैं। इसलिए अब वे युवाओं को ढाल बनाकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होती है लेकिन कांग्रेस सांसद शुरुआत से ही हंगामा करने लगते हैं। वे नारेबाजी करते हैं और अध्यक्ष के आसन तक पहुंच जाते हैं। ऐसे माहौल में सदन की कार्यवाही चलाना मुश्किल हो जाता है।
पात्रा ने सवाल उठाया कि जब विपक्ष खुद संसद नहीं चलने देता तो फिर गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति का मुद्दा क्यों उठाता है। उन्होंने कहा कि पूरा देश यह सब देख रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने 20 जुलाई को दिल्ली में हुए चलो संसद प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस प्रदर्शन को लेकर कई बातें कही गईं लेकिन भाजपा अपने पहले के रुख पर कायम है। संबित पात्रा ने कहा कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान एक भी गोली नहीं चलाई गई थी। उन्होंने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है और इस पर गलत जानकारी फैलाना ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही अपनी बात रखती है। इसलिए इस मुद्दे पर किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह से बचना चाहिए। अंत में पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी को युवाओं को राजनीति का माध्यम बनाने के बजाय संसद के भीतर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है लेकिन तथ्यों के आधार पर राजनीति होनी चाहिए न कि आरोपों और भ्रम के सहारे।