
Bihar Politics : पटना। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच रविवार दोपहर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के बीच मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात हुई। दोनों नेताओं की करीब 30 मिनट की मुलाकात हुई। इस मुलाकात को मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
उधर, 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर नीतीश कुमार, विजय चौधरी, निशांत कुमार और ललन सिंह के बीच बैठक हुई। इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, अनंत सिंह के निष्कासन के बाद इस घटनाक्रम को जदयू के भीतर चल रही राजनीतिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
इस बीच एक और घटनाक्रम चर्चा में रहा। अनंत सिंह के जदयू से छह साल के निष्कासन के बाद नीतीश कुमार का काफिला उनके सरकारी आवास के सामने से गुजरा। बताया जा रहा है कि इस दौरान वह नहीं रुके और न ही अनंत सिंह से मुलाकात हुई।
इस सियासी घटनाक्रम के बीच अनंत सिंह ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस फैसले का कोई अफसोस नहीं है। वह अब अपनी पार्टी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि मुझे कोई पछतावा नहीं है। जो कार्रवाई की गई है, ठीक है। मुझे इससे कोई परेशानी नहीं है। पार्टी नीतीश कुमार की थी। अब जब नीतीश कुमार सक्रिय भूमिका में नहीं हैं, तो पार्टी में बचा क्या है? उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी से निकालने वाले नेताओं ने खुद क्या योगदान दिया है? उन्होंने कहा कि अब जदयू को 10 सीटें भी नहीं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि वह किसी दूसरी पार्टी में जाने के बजाय अपनी पार्टी बनाएंगे।
दरअसल, जदयू से मोकामा के विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी व पूर्व विधायक नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। दोनों पर हाल ही में हुए बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने शनिवार को निष्कासन की घोषणा की। उन्होंने बताया कि अनंत सिंह ने कई बार पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन किया और वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं। इसके अलावा, उन पर पटना ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में पार्टी उम्मीदवार का विरोध करने और जन सुराज से जुड़े उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार करने का आरोप है।