
Bihar Counting update: बिहार विधानसभा चुनाव की काउंटिंग जारी है। सीमांचल की 6 सीटों पर ओवैसी की पतंग उड़ रही है। कोचाधामन, जोकीहाट, अमौर, ठाकुरगंज और बायसी से AIMIM की प्रत्याशी आगे चल रहे हैं। बायसी की सीट से AIMIM के गुलाम सरवर 9 हजार वोट से आगे चल रहे हैं। दूसरे नंबर पर भाजपा उम्मीदवार विनोद कुमार हैं। अमौर सीट से AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अखतरुल ईमान आगे हो गए हैं। वह 10वें राउंड की काउंटिंग के बाद 16 हजार वोटों से आगे हो गए हैं। यहां दूसरे नंबर पर जदयू के सबा जफर हैं।
कोचाधाम से AIMIM प्रत्याशी शरवर आलम 12 राउंड की काउंटिंग के बाद 16547 वोट से आगे चल रहे हैं। यहां दूसरे नंबर पर राजद के मुजाहिद आलम हैं। अररिया की जोकिहाट सीट से मीम प्रत्याशी मुर्शीद आलम 5984 वोट से आगे चल रहे हैं। यहां जदयू के मंजर आलम दूसरे नंबर पर है। किशनगंज जिले की ठाकुरगंज सीट पर भी AIMIM प्रत्याशी गुलाम हसनैन आगे चल रहे हैं। हालांकि, इस सीट पर मार्जिन बेहद कम है। बहादुरगंज की सीट पर भी AIMIM प्रत्याशी तौसीफ आलम ने बढ़त बना ली है।
बिहार विधानसभा चुनाव के शुरुआत में ओवैसी की पार्टी लगातार राजद और कांग्रेस संग गठबंधन करना चाहती थी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। एक इंटरव्यू के दौरान राजद नेता तेजस्वी यादव ने उन्हें एक्स्ट्रीमिस्ट बता दिया था। वहीं, जब महागठबंधन की तरफ से मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम फेस घोषित किया गया तो AIMIM की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। मीम ने कहा था कि 2 फीसदी वाला डिप्टी सीएम, 14 फीसदी वाला सीएम और 17 फीसदी वाला दरी बिछावन रहेगा।
सीमांचल में एक बार फिर झंडा गाड़ने के बाद ओवैसी की पार्टी के नेता वारिस पठान ने कहा कि हमने यह मुद्दा भी उठाया कि आपने (महागठबंधन) 2 प्रतिशत वोट वाले एक मल्लाह को उपमुख्यमंत्री घोषित किया। 14 प्रतिशत वोट वाले एक यादव को मुख्यमंत्री घोषित किया। लेकिन 19 प्रतिशत मुस्लिम आबादी को क्यों नहीं? मुसलमानों ने क्या गुनाह किया है? बिहार में 19 प्रतिशत मुसलमान हैं। क्या उनमें से कोई भी उपमुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री नहीं बन सकता? तेजस्वी हमारे पार्टी अध्यक्ष को अतिवादी कह रहे हैं… उन्हें सभी मुसलमानों से माफ़ी मांगनी चाहिए।"
"हमारी पार्टी वहां भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। आज शाम तक नतीजे स्पष्ट हो जाएंगे, और हमें विश्वास है कि इस बार हमारे कई विधायक चुने जाएँगे। जनता ने हमें प्यार, आशीर्वाद और वोटों से नहलाया है। हम न तो एनडीए का हिस्सा हैं और न ही महागठबंधन का। हमने महागठबंधन के सदस्यों से पहले ही कह दिया था कि धर्मनिरपेक्ष वोटों का बंटवारा रोकने के लिए हमें मिलकर लड़ना चाहिए, और हमने छह सीटें मांगी थीं। लेकिन उनमें अहंकार था।