
Semicon India 2026 : नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सेमीकॉन इंडिया 2026 के पांचवें संस्करण का उद्घाटन किया। विश्वकर्मा जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने भारत के तेजी से बढ़ते सेमीकंडक्टर सेक्टर का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में बनी चिप अब देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के ग्राहकों तक पहुंच रही है। पीएम मोदी ने विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी परंपरा में भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन की शक्ति का प्रतीक माना जाता है। संयोग से आज ही सेमीकॉन इंडिया की शुरुआत हो रही है। एक तरफ भारत की सदियों पुरानी निर्माण परंपरा है और दूसरी तरफ 21वीं सदी की टेक्नोलॉजी और विजन। यही आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की प्रेरणा है।
पीएम मोदी ने कहा कि सितंबर में भारत की क्वार्टरली GDP रिपोर्ट भी सामने आई, जिसमें चुनौतीपूर्ण दौर के बावजूद देश ने 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की। उन्होंने कहा कि इसी दौरान जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की सॉवरिन रेटिंग में सुधार किया है। करीब 35 साल बाद ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा कि एक तरफ भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ रही है और दूसरी तरफ दुनिया का भारत पर भरोसा भी बढ़ता जा रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए हर देशवासी एक कमिटमेंट के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बीते 15 दिनों में देश में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत किस दिशा में और कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सितंबर में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन और क्वांटम टेक्नोलॉजी के जरिए इंक्लूसिव फाइनेंस पर चर्चा हुई। इसी दौरान करीब 3,000 किलोमीटर का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पूरी तरह ऑपरेशनल हुआ। इससे फ्रेट मूवमेंट तेज होगा, लॉजिस्टिक्स बेहतर होंगे और मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती मिलेगी।
सेमीकंडक्टर सेक्टर की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में बनी चिप अब देश और दुनिया के ग्राहकों तक पहुंच रही है। हाल ही में मोहाली और सूरत में दो सेमीकंडक्टर प्लांट में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के लिए सेमीकंडक्टर निर्माण के इस स्तर तक पहुंचना आसान नहीं है। यह सेक्टर दूसरे उद्योगों से काफी अलग है। किसी सामान्य फैक्ट्री में उत्पादन शुरू करने के मुकाबले सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तकनीकी क्षमता और विशेषज्ञता तैयार करने में दशकों लगते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि भारत में फैबलेस कंपनियों की ग्रोथ हो और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी का निर्माण भी देश में ही किया जाए। फैबलेस कंपनियां माइक्रोचिप का डिजाइन और बिक्री करती हैं, लेकिन चिप का निर्माण खुद नहीं करतीं। इसके लिए वे दूसरी कंपनियों, जिन्हें फाउंड्री कहा जाता है, को मैन्युफैक्चरिंग का काम आउटसोर्स करती हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग प्रकार के कंपाउंड सेमीकंडक्टर बनाने, सिलिकॉन फोटोनिक्स को सिस्टम का हिस्सा बनाने और एआई इनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए इन तकनीकों की जरूरत होगी। इसके लिए जरूरी फाउंडेशन तैयार हो चुका है और अब मिलकर आगे बढ़ना होगा।
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए एक लाख इंजीनियरिंग छात्रों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। इनमें से करीब 70 हजार युवाओं को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। उन्होंने भारत में रिसर्च कर रहे युवाओं से आगे आने की अपील की। साथ ही विदेशों में रिसर्च कर रहे भारतीय युवाओं से भी भारत में एडवांस टेक्नोलॉजी के विकास से जुड़ने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने इंडस्ट्री लीडर्स से भारत में रिसर्च एंड डेवलपमेंट को लीड करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे उद्योग को भी फायदा होगा और भारत की युवा शक्ति को भी मजबूती मिलेगी।
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया को मैन्युफैक्चरिंग के लिए नई और भरोसेमंद लोकेशन की जरूरत महसूस हो रही है और भारत खुद को इसके लिए लगातार तैयार कर रहा है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल सेमीकंडक्टर सेक्टर की ग्रोथ 20 प्रतिशत से ज्यादा है। एआई के लिए बनाई जा रही चिप्स का इस्तेमाल एआई डेटा सेंटर्स में हो रहा है। इन डेटा सेंटर्स में हजारों हाई परफॉर्मेंस प्रोसेसर एक साथ काम करते हैं और बड़ी मात्रा में डेटा प्रोसेस करते हैं।
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे एआई का विस्तार होगा, कंप्यूटिंग पावर की जरूरत भी उसी तेजी से बढ़ेगी। कंप्यूटिंग पावर बढ़ने के साथ बिजली की जरूरत भी बढ़ेगी। इसलिए पावर सेक्टर में निवेश बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत उन जगहों पर पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए पावर सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है, जहां सेमीकंडक्टर और अन्य हाई-टेक प्लांट स्थापित हो रहे हैं।