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कॉलेज कैंपस में क्रूरता की हदें पार: रैगिंग और यौन उत्पीड़न से गई छात्रा की जान

Sexual Harassment: पीड़िता के पिता की शिकायत के अनुसार, उनकी बेटी कॉलेज में सेकंड ईयर की छात्रा थी। 18 सितंबर 2025 को तीन सीनियर छात्राओं ने उसके साथ रैगिंग की, मारपीट की और धमकाया।

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Jan 02, 2026
प्रतीकात्मक तस्वीर-पत्रिका

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित धर्मशाला के एक सरकारी डिग्री कॉलेज में रैगिंग और यौन उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक 19 वर्षीय छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद उसके पिता ने कॉलेज की तीन सीनियर छात्राओं और एक प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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रैगिंग, मारपीट और यौन उत्पीड़न

पीड़िता के पिता की शिकायत के अनुसार, उनकी बेटी पल्लवी (नाम बदला गया) कॉलेज में सेकंड ईयर की छात्रा थी। 18 सितंबर 2025 को तीन सीनियर छात्राओं (हर्षिता, आकृति और कोमोलिका) ने उसके साथ रैगिंग की, मारपीट की और धमकाया। इसके अलावा, कॉलेज के प्रोफेसर अशोक कुमार पर छात्रा के साथ अशोभनीय व्यवहार और यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। कुछ रिपोर्ट्स में छात्रा की रिकॉर्डिंग का जिक्र है, जिसमें उसने प्रोफेसर की 'अजीब हरकतें' और शरीर को छूने की बात कही थी।

मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का असर

पिता का कहना है कि लगातार रैगिंग, शारीरिक मारपीट और यौन उत्पीड़न से उनकी बेटी गहरे मानसिक आघात में चली गई। वह डिप्रेशन का शिकार हो गई और उसकी सेहत लगातार बिगड़ती गई। पहले हिमाचल के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चला, फिर उसे लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में रेफर किया गया। लंबे इलाज के बावजूद 26 दिसंबर 2025 को उसकी मौत हो गई। पिता ने बताया कि बेटी की गंभीर हालत और परिवार के सदमे के कारण पहले शिकायत नहीं दर्ज करा सके।

प्रोफेसर और 3 छात्राएं कटघरे में

शिकायत मिलने के बाद धर्मशाला पुलिस ने गुरुवार को मामला दर्ज किया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75 (यौन उत्पीड़न), 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 3(5) (सामान्य इरादे से अपराध) और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम 2009 की धारा 3 के तहत केस दर्ज हुआ है। कांगड़ा एसपी अशोक रतन ने कहा कि जांच प्रारंभिक चरण में है और हर पहलू की गहराई से पड़ताल की जा रही है। कॉलेज प्रशासन से दस्तावेज मांगे गए हैं और आरोपियों से पूछताछ जल्द शुरू होगी।

कॉलेज प्रशासन का पक्ष

कॉलेज प्रिंसिपल ने कहा कि छात्रा पिछले साल फर्स्ट ईयर में थी और फेल होने के बाद डिप्रेशन में थी। परिजनों ने पहले रैगिंग या उत्पीड़न की कोई शिकायत नहीं दी थी। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में जातीय भेदभाव के आरोप भी सामने आए हैं, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया कि शिकायत में इसका जिक्र नहीं है।

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Published on:
02 Jan 2026 03:07 pm
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