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AAP की टूट अकेली नहीं, दल टूटते गए और BJP का कारवां बढ़ता गया, कई राज्यों में पहले भी हो चुका ‘खेला’

AAP के 7 राज्यसभा सांसदों की बीजेपी में शामिल होने की तेजी से चर्चा हो रही है। AAP में हुई यह राजनीतिक उथल-पुथल नई नहीं है। इसके पहले भी कई पार्टियों के विधायक-सांससद बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।

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Apr 26, 2026
CG Political, BJP
BJP (Photo Source - Patrika)

आम आदमी पार्टी (AAP) के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी का हाथ पकड़ लिया है। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद सत्तारूढ़ दल BJP की उच्च सदन में सदस्य संख्या बढ़कर 113 हो गई है। सदस्य संख्या में बढ़ोतरी से सत्ता समीकरणों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन भाजपा को राज्यसभा में महत्वपूर्ण विधेयक पारित करने में अन्य दलों पर निर्भरता जरूर कम होगी।

किसी पार्टी के सांसदों का दूसरी पार्टी में विलय पुराना उदाहरण

AAP के सांसदों का बीजेपी में विलह का यह पहला राजनीतिक उदाहरण नया नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में अन्य दलों के एक गुट का या पूरी पार्टी के विधायक/संसदीय दल का बीजेपी में विलय का यह पहला उदाहरण नहीं है। इसकी लंबी फेहरिस्त है, जिससे दूसरे दल टूटते गए और भाजपा की सरकारें और कुनबा बढ़ता गया।

अन्य दलों के विधायक-सांसदों का BJP में विलय के उदाहरण

  • अरुणाचल प्रदेश: दिसंबर 2016 में पेमा खांडू के नेतृत्व में पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल के 33 विधायक भाजपा में शामिल हुए। इसके बाद भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनी।
  • आंध्र प्रदेश: 2019 में तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) के 6 में से 4 राज्यसभा सांसदों ने टीडीपी से इस्तीफा देकर संसदीय दल का भाजपा संसदीय दल में विलय किया।
  • कर्नाटक: जुलाई 2019 में जनता दल (एस) के 3 एवं कांग्रेस के 13 विधायकों ने इस्तीफा देकर कांग्रेस-जेडीएस की कुमारस्वामी सरकार गिराई। इसके बाद बीएस येड्डियुरप्पा के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनी।
  • सिक्किम: अगस्त 2019 में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के 10 विधायक भाजपा में शामिल हुए। इसके बाद पार्टी प्रमुख विपक्षी दल बनी।
  • मध्यप्रदेश: मार्च 2020 में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और 22 कांग्रेस विधायक इस्तीफे दे कर भाजपा में शामिल हुए। इस विलय के बाद कमलनाथ सरकार गिरी और भाजपा की शिवराज सरकार बनी।
  • बिहार: 2021 में लोजपा के 6 में से 5 सांसदों ने पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व में चिराग पासवान से विद्रोह किया और एनडीए का हिस्सा बने।
  • मणिपुर: मार्च 2020 में कांग्रेस के 28 एवं भाजपा 21 विधायक होने के बावजूद टीएमसी का 1 और कांग्रेस के 6 विधायकों ने भाजपा में शामिल होकर सरकार बनाई।
  • गोवा: सितंबर 2022 में 11 में से 8 कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल, 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा की सदस्य संख्या 28 हुई।
  • महाराष्ट्र: शिवसेना और एनसीपी में बड़ी टूट हुई। दोनों दल भाजपानीत एनडीए गठबंधन में शामिल हुए। इसके बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनी।
Published on:
26 Apr 2026 03:52 am