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शहजाद पूनवाला छोड़ रहे हैं या नाराजगी जाहिर कर रहे हैं? X बायो से बीजेपी हटाया, पोस्ट में भाजपा की तारीफ की

Shahzad Poonawalla X bio update: शहजाद पूनावाला ने एक्स बायो से भाजपा हटा ली, लेकिन पोस्ट में पार्टी की तारीफ की। क्या वो भाजपा छोड़ रहे हैं या नाराजगी जता रहे हैं? जानिए उनका 18 साल का राजनीतिक सफर।
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Jul 31, 2026
Shehzad Poonawalla Resign
पूर्व भाजपा नेता शहजाद पूनावाला। (फाइल फोटो- IANS)

शहजाद पूनावाला को लेकर चर्चा गरम है कि उन्होंने भाजपा छोड़ दी है। यह चर्चा उनके एक्स (पहले ट्विटर) प्रोफ़ाइल पर बायो-अपडेट के बाद छिड़ी है। उन्होंने बायो से भाजपा का जिक्र हटा लिया है। यह भी कहा जा रहा है कि वह सक्रिय राजनीति से संन्यास ले रहे हैं। शहजाद का राजनीतिक सफर 20 साल से भी कम का है। उनका यह सफर 2008 में शुरू हुआ था। कानून की पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद। 18 साल के राजनीतिक सफर में वह करीब 9-9 साल कांग्रेस और भाजपा में रहे।

कांग्रेस में कैसे बागी हुए शहजाद पूनावाला?

बात उन दिनों की है, जब राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे। दिसंबर 2017। उन्हीं दिनों शहजाद पूनावाला कांग्रेस से बागी हुए थे। उन्होंने साफ कहा था, 'कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं हुआ था। चुनाव में प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया गया था और परिणाम पहले से तय थे। राहुल गांधी को उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर पार्टी के सामान्य सदस्य की तरह अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना था।' उन्होंने यहां तक कह डाला था, 'कांग्रेस का पुनर्जन्म तभी हो सकता है जब पार्टी में वंशवाद खत्म हो और मेरिट के आधार पर पद दिए जाएं। राहुल गांधी ने जिस भी चुनाव में प्रचार किया, उसमें हार हुई। क्या उन्हें अध्यक्ष पद पर प्रोन्नति देकर इसी का इनाम दिया जा रहा है?'

गांधी परिवार से पूनावाला की रिश्तेदारी भी

पूनावाला ने राहुल गांधी के खिलाफ ये बगावती तेवर तब अपना रखे थे, जब गांधी परिवार से उनका रिश्ता भी है। शहजाद के भाई तहसीन पूनावाला, राहुल के जीजा रॉबर्ट वाड्रा के जीजा हैं। कांग्रेस से बगावत के बाद उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया था। करीब चार साल बाद दिसंबर 2021 में पूनावाला को भाजपा ने दिल्ली के आईटी और सोशल मीडिया डिपार्टमेंट का प्रमुख भी बनाया था। लेकिन, अंततः श्हजाद का ग्राफ प्रवक्ता से ऊपर नहीं जा पाया।

पेशे से वकील हैं शहजाद पूनावाला

शहजाद पूनावाला पेशे से वकील हैं। बतौर प्रवक्ता जब वह भाजपा का बचाव करते थे तो इस दौरान भी वह अपने इस पेशे की खूबियां दिखाते थे। वह अक्सर तथ्य और आंकड़ों के साथ अपनी बात रखा करते थे।

सुरेश कलमाड़ी के साथ बतौर इंटर्न काम किया

बीजेपी में आने से पहले वह कांग्रेस में थे। उन्होंने 2008 से कांग्रेस के लिए काम करना शुरू किया था। तब वह वकालत की पढ़ाई कर रहे थे। इस दौरान पहले उन्होंने कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी के साथ बतौर इंटर्न काम किया। 2008 में पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस की मीडिया रिसर्च टीम में इंटर्नशिप की। वह नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के पुणे उपाध्यक्ष भी रहे थे। आगे चल कर उन्होंने कांग्रेस के मीडिया सेल में भी काम किया।

राजनीति में बहुत ऊपर नहीं जा सके शहजाद

18 साल में शहजाद राजनीति में बहुत ऊपर नहीं जा सके। इस बीच उन्होंने भाजपा में भी बाहर से आए कई नेताओं को सीधे ऊपर जाते देखा। फिर भी, वह शांत और संयमित बने रहे। अभी जब उनके भाजपा और राजनीति छोड़ने की चर्चा गरम है, तब भी वह शांत ही हैं। बीजेपी की तारीफ वाले पोस्ट करके वह माहौल और रहस्यमय बना रहे हैं।

Updated on:
31 Jul 2026 07:05 pm
Published on:
31 Jul 2026 07:05 pm