
Congress MP Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। प्रधानमंत्री मोदी के देश में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने पर शशि थरूर ने कहा कि मुझे लगता है कि हम सभी मानते हैं कि उनमें बहुत ज़्यादा जोश और ऊर्जा है, उनका एक विज़न है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि चाहे आप उस विजन से सहमत हों या न हों, वे अपना विजन सामने रखते हैं। वे एक जबरदस्त वक्ता हैं, शायद हिंदी में इस देश ने जितने भी बेहतरीन वक्ता देखे हैं, उनमें से एक हैं।
शशि थरूर ने कहा कि पीएम मोदी खास तौर पर उन लोगों तक अपनी बात पहुंचाते हैं जो यह भाषा बोलते हैं; राष्ट्रीय मंच पर उनकी मौजूदगी बहुत प्रभावशाली है और इसमें कोई शक नहीं कि वे भारतीय जीवन, समाज और राजनीति के कई पहलुओं पर अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ किए जाने पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने बेहद संतुलित और कूटनीतिक प्रतिक्रिया दी है। थरूर ने कहा कि ट्रंप का यह बयान भारत के प्रति दोस्ती और गर्मजोशी का स्पष्ट संदेश है। उन्होंने भारत-अमेरिका-पाकिस्तान त्रिकोण पर बात करते हुए 'डी-हाइफनेशन' (दोनों देशों को अलग रखना) की नीति पर जोर दिया। थरूर ने साफ किया कि जैसे भारत रूस और चीन के साथ अमेरिका से पूछे बिना स्वतंत्र रिश्ते रखता है, वैसे ही अमेरिका को भी पाकिस्तान से संबंध रखने का हक है। बशर्ते, वह भारत के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ काम न करे।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि केरल के बजट के बारे में मैंने सोशल मीडिया पर अपनी राय रखी है, मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा बजट है। मैं यह कहूंगा कि मुख्यमंत्री, जो वित्त मंत्री भी हैं उन्होंने भविष्य को ध्यान में रखते हुए काम करने की पूरी कोशिश की है। आप जानते हैं, केरल के साथ समस्या यह है कि कई मामलों में हम अतीत की उपलब्धियों में ही अटके हुए हैं। हमारी साक्षरता दर ऊंची है, हमारी स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था अच्छी रही है। आज हम इन सभी पैमानों पर पिछड़ रहे हैं, और उन दूसरे राज्यों से पीछे छूट रहे हैं जो तरक्की कर रहे हैं और समृद्ध हो रहे हैं। हमें भविष्य को ध्यान में रखने वाली सोच अपनाकर निश्चित रूप से इस समस्या को ठीक करना होगा।
राम मंदिर चंदे को लेकर हुए विवाद पर शशि थरूर ने कहा कि यह वाकई चौंकाने वाली बात है। यह मंदिर आस्था का विषय होते हैं। आप वहां जाते हैं और भगवान को कुछ दान करते हैं, साथ में कुछ पैसे ले जाते हैं, वह अलग बात है। लेकिन जब आप दान पात्र में चढ़ावे के तौर पर कुछ डालते हैं, तो वह मंदिर के लिए होता है। वह दैवीय कार्यों के लिए होता है और उसका इस्तेमाल सिर्फ मंदिर के लिए ही किया जाना चाहिए। जब आपको पता चलता है कि लाखों ही नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये का गबन किया गया हो सकता है, तो यह भरोसे और आस्था के साथ इतना बड़ा धोखा है कि मैं हैरान रह गया।