
Reliance AGM में जियो आईपीओ को लेकर घोषणा हुई है। (PC: AI)
Reliance AGM 2026 highlights: रिलायंस इंडस्ट्रीज अब सिर्फ तेल, गैस और टेलीकॉम की कंपनी नहीं रहना चाहती। ग्रुप की नजर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सैटेलाइट इंटरनेट, ग्रीन एनर्जी और ग्लोबल टेक कंपनी बनने पर है। कंपनी की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में मुकेश अंबानी और उनके बेटे आकाश अंबानी व अनंत अंबानी ने आने वाले वर्षों की बड़ी तस्वीर निवेशकों के सामने रखी। सबसे ज्यादा चर्चा जियो के IPO की रही। लंबे समय से जिस घोषणा का इंतजार था, आखिरकार उस पर मुहर लग गई। मुकेश अंबानी ने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स का बोर्ड IPO के लिए DRHP को मंजूरी दे चुका है।
जियो प्लेटफॉर्म्स अपने IPO के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। कंपनी इस आईपीओ से करीब 3 अरब डॉलर जुटाएगी। कंपनी ने डीआरएचपी को शुक्रवार शाम सेबी के पास दाखिल कर दिया गया है। कंपनी आईपीओ से जुटाया गया काफी पैसा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करेगी। बचा हुआ पैसा सामान्य कॉर्पोरेट कार्यों में लगाया जाएगा।
AGM में आकाश अंबानी ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि जियो भारत के लिए अपना लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट नेटवर्क विकसित करने की संभावना पर काम कर रहा है। इसका मकसद उन इलाकों तक इंटरनेट पहुंचाना है, जहां आज भी नेटवर्क पहुंचाना मुश्किल है। इनमें दूर-दराज के गांव, द्वीप और सीमावर्ती चौकियां शामिल हैं। एजीएम में बताया गया कि जियो केवल विदेशी सैटेलाइट कंपनियों पर निर्भर नहीं रहेगा। कंपनी भारत में अपने ग्राउंड स्टेशन भी बना रही है, ताकि भविष्य में एक पूरी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड व्यवस्था तैयार की जा सके।
AGM में मुकेश अंबानी ने कंपनी की भविष्य की पांच प्रमुख विकास रणनीतियां भी बताईं। इनमें ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार का विस्तार, नए एनर्जी प्रोजेक्ट्स, रिलायंस इंटेलिजेंस के जरिए AI, FMCG कारोबार का विस्तार और 2032 तक 125 से 150 अरब डॉलर के एक्सपोर्ट टार्गेट को हासिल करना शामिल है।
रिलायंस ने एजीएम में कहा कि आने वाले वर्षों में उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में AI शामिल होगा। आकाश अंबानी ने बताया कि जामनगर में भारत का अपना AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। इसकी खास बात यह है कि इसे रिलायंस की रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स से मिलने वाले क्लीन पावर से चलाया जाएगा। कंपनी 2026 के अंत तक 120 मेगावाट क्षमता का पहला चरण शुरू करने की तैयारी में है। इसके लिए अत्याधुनिक NVIDIA GB300 GPU सिस्टम लगाए जा रहे हैं। रिलायंस का दावा है कि यह क्षमता दुनिया के सबसे बड़े AI प्लेटफॉर्म्स में से एक होगी। कंपनी 22 भारतीय भाषाओं में AI सेवाएं विकसित कर रही है, ताकि तकनीक केवल अंग्रेजी जानने वालों तक सीमित न रहे।
एजीएम में बताया गया कि रिलायंस रिटेल के स्टोर्स की संख्या 20,000 के पार पहुंच गई है। वहीं, जियोमार्ट अब देश के सबसे बड़े क्विक कॉमर्स नेटवर्क में शामिल हो चुका है। यह 1,200 से ज्यादा शहरों और 5,100 से अधिक पिन कोड क्षेत्रों में सेवाएं दे रहा है। मुकेश अंबानी ने कहा कि आने वाले दशक में रिलायंस रिटेल का टार्गेट केवल दुनिया का सबसे बड़ा रिटेलर बनना नहीं है, बल्कि सबसे स्मार्ट और सबसे समावेशी कस्टमर इकोसिस्टम बनाना है।
अनंत अंबानी ने बताया कि जामनगर में 5,000 एकड़ में फैला धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स तेजी से विकसित हो रहा है। रिलायंस अपनी बैटरी और सेल निर्माण क्षमता को बढ़ाकर 120 GWh सालाना तक ले जाने की तैयारी में है। इससे कंपनी दुनिया के बड़े लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरी मैन्युफैक्चरर्स में शामिल हो सकती है। एजीएम में बताया गया कि कच्छ में विकसित हो रहा रिन्यूएबल एनर्जी हब हर साल 40 अरब यूनिट से ज्यादा ग्रीन बिजली पैदा करेगा, जो भारत की कुल बिजली जरूरत का लगभग 3 फीसदी हिस्सा पूरा कर सकता है।
रिलायंस का ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार भी बदलाव के दौर से गुजर रहा है। कंपनी का टार्गेट 2050 तक कार्बन न्यूट्रल ऑपरेशन हासिल करना है, जो भारत के साल 2070 के टार्गेट से करीब 20 साल पहले है। कंपनी ने ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति के लिए सैमसंग C&T के साथ 3 अरब डॉलर की लॉन्ग टर्म डील भी की है।
मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस इंटेलिजेंस का उद्देश्य एआई को हर भारतीय और हर भारतीय कारोबारी का साथी बनाना है। उनका मानना है कि जब कंप्यूटिंग सस्ती होगी तो इनोवेशन अपने आप बढ़ेगा। इसी सोच के साथ कंपनी एआई को आम लोगों और छोटे कारोबारों के लिए किफायती बनाने पर काम कर रही है।
Published on:
19 Jun 2026 05:54 pm
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