प्रदर्शनकारी युवाओं को संबोधित करते हुए और मीडिया से बातचीत में पीयूष मिश्रा ने कहा कि मैंने इनमें से कुछ छात्रों के इंटरव्यू देखे थे। जब मैंने उनकी आंखों में दर्द, उनका संघर्ष और उनके आंसू देखे, तो वही मेरे लिए यहां आने की सबसे बड़ी प्रेरणा बना। मेरे पास दो दिन का समय था, इसलिए मैंने खुद यहां आकर आप सभी युवाओं के साथ खड़े होने का फैसला किया। मुझे युवाओं से बेहद लगाव है।