दूसरे सत्र में छात्र संगठनों के साथ बातचीत हुई। सरकार ने छात्र समूहों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, जिनमें सत्ताधारी पार्टी समर्थित झारखंड छात्र मोर्चा (JCM), NSUI और ACS शामिल थे। बैठक के दौरान, JMM समर्थित JCM ने पांच मुख्य मांगें रखीं, जिनमें 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा को तुरंत रद्द करना शामिल था। वहीं, NSUI ने छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन सभी JPSC और JSSC परीक्षाओं की CID या उच्च-स्तरीय जांच का प्रस्ताव दिया गया, साथ ही NTA की तर्ज पर एक पारदर्शी 'झारखंड टेस्टिंग एजेंसी' (JTA) बनाने की मांग की गई।