इसके अलावा, छात्र परीक्षा सिंडिकेट, पेपर लीक और वित्तीय अनियमितताओं की CBI और ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों से उच्च-स्तरीय, निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। साथ ही, उम्मीदवार राज्य के विश्वविद्यालयों और विभिन्न सरकारी विभागों में लंबे समय से लंबित ग्रुप C और ग्रुप D पदों के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।