पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या का मामला अब CBI की 7 सदस्यीय SIT जांच में। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 24 मई तक रिमांड पर भेजा।
Shubhendu Adhikari PA Murder: पश्चिम बंगाल में विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या का मामला अब एक बड़े मोड़ पर पहुंच गया है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री की जांच अब सीबीआई (CBI) के हाथों में है। CBI ने इस मामले की जांच करने के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है, जिसमें 7 अधिकारियों को शामिल किया गया है। इस पूरी टीम की निगरानी डीआईजी (DIG) रैंक के एक बड़े अधिकारी करेंगे।
चंद्रनाथ रथ भारतीय वायु सेना के पूर्व जवान थे और शुभेंदु अधिकारी के बेहद खास माने जाते थे। 6 मई की रात जब वे मध्यमग्राम के पास थे, तभी उन पर अचानक गोलियों से हमला किया गया। अस्पताल ले जाने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से ही बंगाल की राजनीति में हड़कंप मचा हुआ है क्योंकि चंद्रनाथ एक बड़े नेता के सबसे भरोसेमंद साथी थे।
इस हत्याकांड में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों ने इन आरोपियों को बिहार और उत्तर प्रदेश से ढूंढ निकाला है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह हैं। कोर्ट ने इन तीनों को 24 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। सरकारी वकील के मुताबिक, आरोपियों पर सबूत मिटाने की कोशिश करने का भी आरोप है, जिसे अब केस में जोड़ दिया गया है।
शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना को एक सोची-समझी साजिश बताया है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि चंद्रनाथ की हत्या सिर्फ इसलिए की गई क्योंकि वे उनके लिए काम करते थे। अधिकारी का मानना है कि भवानीपुर में ममता बनर्जी के खिलाफ मिली उनकी जीत के कारण उनके करीबियों को निशाना बनाया जा रहा है।
इस हत्या के बाद बंगाल की तमाम पार्टियों ने आवाज उठाई थी। सत्ताधारी दल टीएमसी और कांग्रेस दोनों ने ही इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की थी। अब सीबीआई ने केस हाथ में ले लिया है, जिससे उम्मीद जगी है कि जल्द ही इस हत्या के असली मास्टरमाइंड का पता चल जाएगा।