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शुभेन्दु सरकार बनवा रही ममता बनर्जी के खिलाफ एक और फाइल, 635 करोड़ का है मामला, ED को जा सकता है केस

BGBS 635 Crore Case: पश्चिम बंगाल में 635 करोड़ रुपये के ‘बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट’ में हुए खर्च को लेकर सियासत गरमा गई है। शुभेंदु अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं, जबकि मनी लॉन्ड्रिंग के संकेत मिलने पर मामला ईडी को ये केस सौंपा जा सकता है।
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Jun 13, 2026
TMC VS BJP
टीएमसी चीफ ममता बनर्जी (इमेज सोर्स: आईएएनएस)

Bengal Global Business Summit Scam Case: विधानसभा में करारी शिकस्त के बाद टीएमसी की हालत खस्ता है। पार्टी के नेता बगावत पर उतर आए हैं। वह बार-बार शीर्ष नेतृत्व पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इस बीच शुक्रवार को कोलकाता के न्यूटाउन स्थित ‘विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर’ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बड़ा आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के कार्यकाल में आयोजित ‘बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट’ (BGBS) सम्मेलन के आयोजन के नाम पर 635 करोड़ रुपये एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को भुगतान किए गए थे। जिसकी अब जांच होगी। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं नहीं जाएगा।

प्रवर्तन निदेशालय को सौंपा जा सकता है केस

उन्होंने आगे ये भी कहा कि इस आयोजन के प्रचार-प्रसार पर भारी रकम खर्च की गई, लेकिन इसके मुकाबले राज्य को न तो अपेक्षित निवेश मिला और न ही रोजगार के बड़े अवसर पैदा हुए। जांच एजेंसियां अब इस मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के बैंक खातों की पड़ताल कर रही हैं। यदि जांच के दौरान धन मनी लॉन्ड्रिंग के संकेत मिलते हैं, तो मामला प्रवर्तन निदेशालय को सौंपा जा सकता है।

‘बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट’ आखिर है क्या?

दरअसल, ‘बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट’ पश्चिम बंगाल सरकार का एक बड़ा निवेश सम्मेलन है, जिसका मकसद देश-विदेश की कंपनियों को राज्य में निवेश के लिए आकर्षित करना है। इसके जरिए सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने, नए कारोबार स्थापित करने और लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की कोशिश करती है। तृणमूल कांग्रेस सरकार इसे निवेश जुटाने का अहम मंच मानती है, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार का आरोप है कि सम्मेलन में किए गए निवेश के कई वादे पूरे नहीं हुए। समिट के नाम पर फर्जीवाड़ा हुआ है।

एक्शन मोड में शुभेन्दु सरकार

संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा संदेश देते हुए साफ कहा कि उनकी सरकार किसी भी कीमत पर अराजकता और हिंसा बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी कानून तोड़ेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। अगर कोई कानून हाथ में लेगा तो मैं सबसे सख्त मुख्यमंत्री साबित होऊंगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून सबके के लिए बराबर है और किसी को भी राजनीतिक पहचान या प्रभाव के आधार पर छूट नहीं मिलेगी। हिंसा, तोड़फोड़, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम करेगी।