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केरल में केसी वेणुगोपाल को राहुल नहीं बना पाए CM, क्या कर्नाटक में होंगे सफल? आज DK और सिद्धरमैया संग बैठक

CM Siddaramaiah and DK Shivakumar meeting Rahul Gandhi: आज डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया की राहुल गांधी के साथ बैठक है। इस बैठक में कर्नाटक सीएम पद को लेकर चल रही सियासी रार के थमने की संभावना है। पढ़ें पूरी खबर...

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कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया(फोटो-IANS)

अब केरल के ही पड़ोसी राज्य कर्नाटक में एक बार फिर सीएम पद को लेकर कांग्रेस के दो खेमों में लड़ाई शुरू हो गई है। डीके शिवकुमार का गुट साल 2025 से ही पार्टी हाईकमान पर लगातार दबाव बना रहा है। उनका कहना है कि साल 2023 में चुनावी नतीजे सामने आने के बाद सोनिया गांधी व पार्टी हाईकमान ने 2.5-2.5 साल का फॉर्मूला तय किया था। लिहाजा, अब सीएम बदलना चाहिए। इसे लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कर्नाटक कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला कई बार डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार और सीएम सिद्धारमैया से बातचीत कर चुके हैं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है। आज दोनों नेताओं की राहुल गांधी के साथ मीटिंग है।

आज सुबह 11 बजे राहुल संग DK और सिद्धारमैया की मीटिंग

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और डीप्टी सीएम डीके शिवकुमार आज सुबह 11 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी के साथ बैठक करेंगे। राज्य में मुख्यमंत्री और कैबिनेट में बदलाव की चर्चाओं के बीच दोनों सोमवार रात को दिल्ली पहुंच चुके हैं।

सीएम सिद्धारमैया के साथ कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर भी हाईकमान से मिलने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं। दिल्ली पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि पार्टी हाईकमान ने बुलाया है, इसलिए आया हूं। बैठक का एजेंडा क्या है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने फोन कर समय और तारीख बताई थी। वहीं डिप्टी सीएम शिवकुमार ने दिल्ली रवाना होने से पहले कहा कि कुछ परिस्थितियों में दिल्ली जाना जरूरी हो जाता है, इसलिए जा रहा हूं। कर्नाटक सरकार में मंत्री सतीश जारकीहोली ने कहा कि दिल्ली में होने वाली बैठक का मकसद पार्टी के अंदर चल रहे मुद्दों को सुलझाना है।

बीजेपी ने बोला कांग्रेस पर हमला

बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे सिर्फ नाम के अध्यक्ष हैं। गांधी परिवार रिमोट कंट्रोल के जरिए पार्टी चला रही है। इतने बड़े मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष कह रहे हैं कि राहुल गांधी जवाब देंगे। इससे साफ है कि असली ताकत किसके पास है। पार्टी में केरल, हिमाचल और अब कर्नाटक में भी सत्ता संघर्ष चल रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता से ज्यादा कुर्सी की चिंता है।

यदि कैबिनेट में फेरबदल हुआ तो सिद्धरमैया की कुर्सी सुरक्षित

बेंगलुरु की सियासी गलियारों में ऐसी चर्चा है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कैबिनेट फेरबदल के पक्ष में हैं, जबकि डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार चाहते हैं कि पार्टी पहले नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला करे। कहा जा रहा है कि यदि हाईकमान ने कैबिनेट विस्तार को मंजूरी दे दी तो इससे सिद्धारमैया की सीएम की कुर्सी सुरक्षित हो जाएगी, जोकि शिवकुमार की सीएम बनने की संभावनाओं को कम कर देगा।

केसी को सीएम नहीं बनाने पर बहुत दवाब

केरल में कांग्रेस ने दस साल बाद सत्ता में वापसी की। सतीशन राज्य के नए सीएम बने, लेकिन जब सीएम फेस को लेकर मंथन का दौर जारी था। उस समय राहुल गांधी के चहेते केसी वेणुगोपाल का नाम भी आगे चल रहा था। करीब 40 से अधिक कांग्रेसी विधायक केसी के पीछे लामबंद थे, लेकिन केरल कांग्रेस का एक बड़ा धड़ा राहुल के चहेते के खिलाफ भी था। इसलिए कांग्रेस पार्टी को सीएम फेस का चुनाव करने में 10 दिन का समय लग गया।

मीडिया में तब ऐसी भी खबरें सामने आई थी कि कांग्रेस के एक कद्दावर नेता जो पूर्व में राज्य के मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय रक्षा मंत्री भी रह चुके हैं उन्होंने बातों बातों कहा कि पार्टी को उपचुनाव से बचना चाहिए। यह साफ तौर पर इस बात का संकेत था कि केसी CM न बने, क्योंकि यदि वह सीएम बनते तो दो उपचुनाव होता। जिसके बाद राहुल गांधी व पार्टी हाईकमान ने वीडी सतीशन को CM पद के लिए चुना। कहा जाता है कि केसी वेणुगोपाल को सीएम न चुनने के लिए राहुल पर बहुत दबाव था।

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Published on:
26 May 2026 07:42 am
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