
CJP Saurav Das: पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में NEET पेपर लीक प्रदर्शन से जुड़े मामले को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह ने प्रदर्शन को लेकर सौरव दास, अभिजीत दीपके और CJP आयोजकों के खिलाफ POCSO Act की धाराओं में Zero FIR दर्ज कराने के लिए शिकायत दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान नाबालिग बच्चों को शामिल किया गया और देश विरोधी एजेंडा चलाने की कोशिश की गई।
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह ने CJP आयोजकों सौरव दास और अभिजीत दीपके के खिलाफ Zero FIR दर्ज कराने के लिए शिकायत दी है। यह पूरा मामला 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए CJP के प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है। वकील का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज हुआ था और देश व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया था।
घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर कहा था कि वह युवाओं की टिप्पणियों के लिए उन्हें माफ करते हैं और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, इसके बाद CJP आयोजक अभिजीत दीपके और सौरव दास ने एक वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री से ही माफी मांगने की मांग कर दी। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान 12 साल की लड़कियों पर लाठीचार्ज किया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
इस दावे पर अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह ने सवाल उठाया कि आखिर 12 साल के बच्चे को इस प्रदर्शन में कौन लेकर आया। उन्होंने कहा कि उस उम्र का बच्चा कानूनी तौर पर 'देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे' की श्रेणी में आता है। बच्चों को ऐसे प्रदर्शन में शामिल करने की वजह से आयोजकों पर POCSO Act की धारा 13, 14, 15 और BNS की धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
अधिवक्ता ने इस प्रदर्शन के पीछे की फंडिंग पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि इस प्रदर्शन के लिए पैसा कहां से आ रहा है और इसकी फंडिंग कौन कर रहा है। उन्होंने इसे 'डीप स्टेट' का काम बताते हुए कहा कि इसमें देश के ही कुछ बिचौलिए और राष्ट्रविरोधी तत्व शामिल हैं जो देश का भला नहीं चाहते। ये सभी लोग मिलकर मोदी सरकार को गिराने की कोशिश में लगे हुए हैं।