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‘पीएम मोदी और अमित शाह illegal प्रधानमंत्री-गृह मंत्री हैं’, कांग्रेस ने की बैलेट से चुनाव की मांग

SIR विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी और अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए सरकारें भंग कर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है।
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Oct 03, 2026
Mallikarjun Kharge news
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे फोटो-ANI)

SIR Controversy: वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खरगे ने मौजूदा चुनावों की वैधता पर सवाल उठाते हुए मोदी को 'अवैध प्रधानमंत्री' और शाह को 'अवैध गृह मंत्री' कहा। उन्होंने सरकारों को भंग कर बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव कराने की मांग भी की। SIR को लेकर कांग्रेस पिछले कुछ समय से चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर हमलावर है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए और इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं। हाल ही में कांग्रेस कार्यसमिति ने भी SIR को रोकने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक करने जैसी मांगें उठाई थीं।

खरगे बोले- बैलेट पेपर से कराए जाएं चुनाव


खरगे ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसी आधार पर उन्होंने मौजूदा सरकारों को भंग कर बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराने की मांग की। इससे पहले कांग्रेस कार्यसमिति ने भी प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की थी। कांग्रेस ने इसे कथित 'वोट चोरी' से जोड़ते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। SIR की वैधानिकता और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवाल अब न्यायिक प्रक्रिया तक भी पहुंच चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हुआ है।

20 राज्यों में छूटे मतदाताओं के लिए विशेष अभियान


इस विवाद के बीच चुनाव आयोग ने उन 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है, जहां SIR पूरा हो चुका है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची से छूट गए पात्र लोगों और नए मतदाताओं का नाम जोड़ना है। आयोग ने यह निर्देश 29 सितंबर को लिखित रूप से दिया था। इसके तहत अधिकारियों से SIR से पहले और बाद की मतदाता सूचियों की तुलना करने और हटाए गए नामों की पहचान करने को कहा गया है। ऐसे पात्र मतदाता जो दूसरी जगह रजिस्टर्ड नहीं हैं, डुप्लिकेट नहीं हैं और जिनकी मृत्यु नहीं हुई है, उनसे संपर्क कर फॉर्म-6 भरवाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

Updated on:
03 Oct 2026 03:41 pm
Published on:
03 Oct 2026 03:19 pm