
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी (Photo-ANI)
Bengal Politics: पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ममता बनर्जी को ‘पैथोलॉजिकल लायर’ बताते हुए आरोप लगाया कि उनके झूठ बोलने का सिलसिला 1984 में सोम नाथ चटर्जी को हराने के बाद से ही शुरू हो गया था। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि 1984 में चुनाव जीतने के बाद ममता बनर्जी ने संसद में खुद को ‘डॉक्टर’ बताया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस विश्वविद्यालय से ममता बनर्जी ने कथित तौर पर डिग्री हासिल करने की बात कही थी, वह विश्वविद्यालय अस्तित्व में ही नहीं है।
ऋतब्रत बनर्जी ने अपने बयान में 1989 की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जादवपुर की एक कॉलोनी में एक दीवार पर दो ‘डॉक्टरों’ के नाम लिखे देखे थे। उनके मुताबिक, इनमें ‘डॉ. ममता बनर्जी’ और ‘डॉ. मालिनी भट्टाचार्य’ के नाम शामिल थे।
उन्होंने कहा कि मालिनी भट्टाचार्य जादवपुर विश्वविद्यालय की इतिहासकार हैं, जबकि ममता बनर्जी ने कथित तौर पर ऐसी यूनिवर्सिटी से इस्लामिक हिस्ट्री में डॉक्टरेट की बात कही, जो अस्तित्व में नहीं है।
ऋतब्रत बनर्जी ने 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान ममता बनर्जी के पैर में लगे प्लास्टर का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में संभावित हार को देखते हुए ममता बनर्जी ने पैर पर प्लास्टर लगवाया और उसके बाद करीब दो महीने तक उसी स्थिति में प्रचार किया।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी उस दौरान ‘खेला होबे’ का नारा लगाते हुए लोगों के बीच गईं और आरोप लगाया कि पैर में कोई चोट नहीं होने के बावजूद प्लास्टर का इस्तेमाल किया गया। इस मामले में ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी से माफी मांगने की मांग भी की।
वहीं बंगाल सीएम शुभेन्दु अधिकारी ने भी ममता बनर्जी के 2021 की चर्चित पैर की चोट पर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि वह चोट कोई हादसा या साजिश नहीं थी। वह केवल हमदर्दी बटोरने का एक राजनीतिक ड्रामा था।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जब मैं SSKM अस्पताल गया, तो मैंने वहां का मेडिकल रिकॉर्ड देखा। एक्स-रे की रिपोर्ट मेरे पास है। तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का इलाज करने वाले डॉक्टरों ने रिपोर्ट में साफ लिखा था- 'नो फ्रैक्चर'।
Updated on:
03 Oct 2026 05:35 pm
Published on:
03 Oct 2026 04:53 pm
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