राष्ट्रीय

SIR in UP: बड़ा सवाल- 2027 में वोटिंग बढ़ेगी या नहीं? इन आंकड़ों में छिपा है भाजपा-सपा की परेशानी का कारण

SIR in UP: उत्तर प्रदेश में 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में वोटिंग प्रतिशत लगभग बराबर ही रहा था।

4 min read
Jan 08, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ। (Photo: IANS)

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के सामने नई चुनौती है। इस साल SIR के तहत मतदाताओं की सूची जारी हो रही है। अगले साल पहली बार राज्य में इस सूची के मुताबिक विधानसभा चुनाव होंगे। उम्मीद है कि इस बार कुल मतदाताओं की संख्या कम हो सकती है। इससे पार्टियां परेशान हैं। इससे निपटने के लिए भाजपा सक्रिय हो गई है। सपा ने भी कदम उठाए हैं।

क्या है मामला

चुनाव आयोग मतदाता सूची को ‘शुद्ध’ कर रहा है। विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के जरिए। इसके तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जा चुकी है। इसमें 125556025 मतदाताओं के नाम हैं। मौजूदा मतदाता सूची में 154430092 नाम हैं। 2.89 करोड़ मतदाता ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर हैं।

करीब तीन करोड़ मतदाता ड्राफ्ट लिस्ट से क्यों बाहर हैं? इसका जवाब चुनाव आयोग ने दिया है कि 46.23 लाख तो मर चुके हैं, 2.17 करोड़ वोटर SIR के दौरान बीएलओ को मिले नहीं और 25.47 लाख के नाम एक से ज्यादा जगह पर पाए गए।

मतदाता बढ़े, वोटिंग प्रतिशत नहीं

2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 92301024 मतदाताओं ने वोट डाले थे। उस समय वोटर लिस्ट में दर्ज मतदाताओं की कुल संख्या 151246168 थी। यानि 61.03 प्रतिशत वोटिंग हुई थी।

2017 में यूपी में कुल 141663646 वोटर थे। इनमें से 86755499 ने वोट डाले थे। यानि, 2017 में भी 2022 के बराबर (61.24 प्रतिशत) ही वोटिंग हुई थी।

ऊपर के आंकड़ों को देखें तो 2017 से 2022 के पांच साल में कुल 9582522 वोटर बढ़े। 2022 से 2025 के बीच 3183924 मतदाता बढ़ गए।

2027 में वोट बढ़ेंगे या नहीं?

बीते दो चुनाव में वोटिंग प्रतिशत लगभग बराबर ही रहा। 2022 में 2017 की तुलना में जितने वोटर बढ़े, मतदान उतना भी नहीं बढ़ा। वोटर करीब 95 लाख बढ़े, लेकिन वोट केवल 5545525 (नए मतदाताओं का करीब 60 प्रतिशत)। ऐसे में अगर अंतिम मतदाता सूची में करीब 12.55 करोड़ मतदाता ही रहे तो 2027 में पड़ने वाले कुल मतों की संख्या में ज्यादा इजाफा की उम्मीद भी नहीं की जा सकती।

बीजेपी की नींद क्यों उड़ी है

2022 के चुनाव में सबसे ज्यादा 41.29 प्रतिशत (38051721) वोट बीजेपी को ही मिले थे। अगर वोटिंग के लिए निकलने वालों की संख्या अप्रत्याशित रूप से नहीं बढ़ी तो बीजेपी को ही सबसे ज्यादा नुकसान होने का खतरा है।

बीजेपी को ज्यादा खतरा इसलिए भी लग रहा है, क्योंकि वोटर ड्राफ्ट लिस्ट में जिन इलाकों से ज्यादा मतदाताओं के नाम कटे हैं, उनमें से अधिकतर में भाजपा जीती है।

SIR Draft Voter List में अपेक्षाकृत अधिक संख्या में जिन क्षेत्रों के वोटर्स के नाम नहीं हैं, उनमें भाजपा का चुनावी प्रदर्शन समझिए:

शहरकुल शहरी सीटेंभाजपा के विधायक
लखनऊ97
कानपुर107
वाराणसी87
आगरा99

ये सब शहरी क्षेत्र हैं, जहां 2024 के लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी/एनडीए ने अच्छा प्रदर्शन किया था।

क्षेत्रबीजेपी (NDA) वोट शेयरसपा-कांग्रेस (INDIA) वोट शेयरसीटों का परिणाम (कुल 80)
शहरी (Urban)41% (बढ़त)30%बीजेपी ने 17 प्रमुख शहरी सीटों में से 12 पर जीत दर्ज की।
ग्रामीण (Rural)35% (गिरावट)44% (भारी बढ़त)इंडिया गठबंधन ने ग्रामीण बहुल इलाकों में बीजेपी को कड़ी शिकस्त दी।

2022 के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा वोट पाने वाली पार्टियों में सपा दूसरे नंबर पर थी। माना जाता है कि सपा के वोट बैंक में मुसलमानों के अच्छी संख्या है। लेकिन, बीते दिनों मुस्लिम बहुल जिलों में भी एनडीए की स्थिति सही हुई है। इसे इस चार्ट से समझा जा सकता है।

जिलालोकसभा क्षेत्र (MP)पार्टीविधानसभा क्षेत्र (MLA)पार्टी
रामपुरमोहिबुल्लाह नदवीसपारामपुर सदर: आकाश सक्सेनाBJP
स्वार: शफीक अहमद अंसारीApna Dal (S)
चमरौआ: नसीर अहमद खानसपा
बिलासपुर: बलदेव सिंह औलखBJP
मिलक (SC): राजबालाBJP
सहारनपुरइमरान मसूदकांग्रेससहारनपुर नगर: राजीव गुंबरBJP
सहारनपुर: आशु मलिकसपा
देवबंद: बृजेश सिंह रावतBJP
गंगोह: कीरत सिंह गुर्जरBJP
नकुड़: मुकेश चौधरीBJP
बेहट: उमर अली खानसपा
रामपुर मनिहारन (SC): देवेंद्र निमBJP
मुजफ्फरनगरहरेंद्र सिंह मलिकसपामुजफ्फरनगर सदर: कपिल देव अग्रवालBJP
बुढ़ाना: राजपाल बालियानRLD
चरथावल: पंकज कुमार मलिकसपा
खतौली: मदन भैयाRLD
पुरकाजी (SC): अनिल कुमारRLD
मुरादाबादरुचि वीरासपामुरादाबाद नगर: रितेश गुप्ताBJP
मुरादाबाद ग्रामीण: नासिर कुरैशीसपा
कुंदरकी: रामवीर सिंह* (उपचुनाव विजेता)BJP
ठाकुरद्वारा: नवाब जानसपा
बिलारी: मोहम्मद फहीम इरफानसपा
कांठ: कमाल अख्तरसपा
बिजनौरचंदन चौहानRLDबिजनौर सदर: शुचि चौधरीBJP
नजीबाबाद: तस्लीम अहमदसपा
नगीना (SC): मनोज कुमार पारससपा
धामपुर: अशोक कुमार राणाBJP
बढ़ापुर: सुशांत सिंहBJP
चांदपुर: स्वामी ओमवेशसपा
नहटौर (SC): ओम कुमारBJP

इन आंकड़ों के मद्देनजर बीजेपी की परेशानी समझी जा सकती है।

क्या है बीजेपी का प्लान

बीजेपी का प्लान ज्यादा से ज्यादा योग्य लोगों को मतदाता सूची में शामिल कराने का है। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक बीजेपी ने हर बूथ पर 200 मतदाताओं को वोटर लिस्ट में शामिल कराने का टार्गेट तय किया है।

सपा ने भी नए बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) बनाए हैं और ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को वोटर लिस्ट में शामिल कराने की मुहिम छेड़ी है।

योगेंद्र यादव की राय

चुनाव विश्लेषक रहे और SIR के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में भी अपनी बात रख चुके योगेंद्र यादव लगातार कहते रहे हैं कि एसआईआर करना गलत नहीं है, करने का तरीका गलत है। दुनिया में कहीं भी एक बार में इतनी बड़ी संख्या में वोटर के मतदाता सूची से बाहर होने का उदाहरण नहीं है। बढ़ती जनसंख्या के साथ वोटर कम नहीं हो सकते। चुनाव आयोग को घर-घर जाकर चेक करना चाहिए और जरूरत के हिसाब से वोटर को सूची से हटाना या जोड़ना चाहिए। असम में ऐसा किया भी गया है। वहां मतदाताओं की अंतिम संख्या लगभग बराबर रही।

SIR Draft Voter List: हर जगह कटे हैं नाम

राज्यS.I.R. से पहलेS.I.R. के बादहटाये गए नाम (Deletions)कुल कटौती (%)
बिहार7.89 करोड़7.42 करोड़0.47 करोड़5.95%
उत्तर प्रदेश15.44 करोड़12.55 करोड़2.89 करोड़18.7%
पश्चिम बंगाल7.66 करोड़7.08 करोड़0.58 करोड़7.57%
तमिलनाडु6.41 करोड़5.43 करोड़0.97 करोड़15.2%

आप नेता संजय सिंह की दलील

आप के राज्य सभा सांसद संजय सिंह कहते हैं कि उत्तर प्रदेश चुनाव आयोग ने कुछ ही समय पहले जो मतदाता सूची जारी की है उसके आंकड़े मौजूद एसआईआर के बाद दिए गए आंकड़े से एकदम मेल नहीं खाते हैं।

Updated on:
08 Jan 2026 04:03 pm
Published on:
08 Jan 2026 03:21 pm
Also Read
View All

अगली खबर