
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली का जंतर-मंतर अब पूरी तरह से खाली हो गया है। जंतर-मंतर से रविवार की सुबह पहला जो वीडियो सामने आया है, उसमें देखा जा रहा है कि सफाई कर्मचारी झाड़ू मार रहे हैं।
कल तक जहां हजारों युवा नारे लगा रहे थे, वहां अब सिर्फ बिखरे हुए बैनर, तिरंगे और खाली पानी की बोतलें बची थीं। बता दें कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में शुरू हुआ यह धरना लगभग महीने भर चला। भारी विरोध प्रदर्शन के बाद कल दोपहर में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद सीजेपी ने तुरंत आंदोलन वापस ले लिया। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का प्रभार दिया गया है।
आज सुबह जंतर-मंतर पर सामान्य दिन जैसा माहौल था। सफाई कर्मचारी तेजी से काम कर रहे थे। बचे हुए सामान को हटाया जा रहा था। इसको लेकर आसपास के दुकानदारों ने भी राहत की सांस ली।
बता दें कि दो दिन पहले सीजेपी और सरकार के बीच भारत हुई थी। बैठक के बाद सीजेपी ने कहा था कि सरकार ने उनकी कई मांगें मान ली हैं। छात्रों पर हुई एफआईआर वापस लेने, पीड़ितों को मुआवजा देने और परीक्षा सुधार पर बातचीत हुई है।
उधर, सीजेपी से डील होने के बाद केंद्र सरकार की ओर से भी कल बड़ा बयान जारी किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता का तीसरा दौर संपन्न हुआ। प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन से संबंधित मामलों को शामिल करते हुए अपना पंचसूत्री प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
नड्डा ने कहा कि सरकार ने आश्वासन दिया कि आयोजकों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी और आंदोलन के संबंध में कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।
सरकार ने जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और उन्हें नियमों के अनुसार अधिकतम संभव मुआवजा देने का आश्वासन दिया।