
BJP: फ्लायदुबई की उड़ान में सह-पायलट के हमले के बाद गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद विमान को बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की दुनियाभर में तारीफ हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कैप्टन मच्छार से वीडियो कॉल पर बात की और उनके साहस, सूझबूझ और संयम की सराहना की। इसी बीच बीजेपी ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से कैप्टन मच्छार को लेकर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिए जाने पर सवाल उठाए हैं।
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि देश और दुनियाभर में भारतीय मूल के लोग कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर गर्व कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने भी उनकी बहादुरी की सराहना की है। भंडारी ने सवाल उठाया कि जब कैप्टन मच्छार के साहस की व्यापक स्तर पर चर्चा हो रही है, तब राहुल गांधी ने इस मामले पर अब तक सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कैप्टन मच्छार या उनके परिवार के समर्थन में कोई पोस्ट या वीडियो संदेश शेयर नहीं किया।
कैप्टन स्मित मच्छार दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लायदुबई की उड़ान में पायलट थे। उड़ान के दौरान सह-पायलट ने उन पर हमला किया और विमान तेजी से नीचे जाने लगा। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान को बाद में सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतारा गया। विमान करीब 14 हजार फीट नीचे आया था। घटना के दौरान कैप्टन मच्छार घायल हुए, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों और क्रू को हस्तक्षेप का मौका दिया। इसके बाद बैकअप क्रू ने विमान को सुरक्षित लैंड कराया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अस्पताल में कैप्टन मच्छार से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की। मोदी ने उनके साहस, सूझबूझ और मुश्किल परिस्थिति में संयम बनाए रखने की तारीफ की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छार भावुक भी हो गए। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि उनके लिए यह बेहद खास पल है। मच्छार ने बताया कि संकट के दौरान उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया और इससे उन्हें हिम्मत मिली।
अस्पताल से प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत में कैप्टन मच्छार ने घटना को याद करते हुए बताया कि गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी उन्हें लगा कि अगर वह खड़े नहीं हुए तो विमान में सवार यात्रियों की जान जा सकती है। उन्होंने इसके बाद खुद को संभालकर कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। घटना के बाद मच्छार की बहादुरी की भारत के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हुई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई लोगों ने उनके साहस को लेकर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है।