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‘उसने 26 लाख लोगों की नौकरी छीन ली’, अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद भी नहीं शांत हुआ पब्लिक का गुस्सा

Attack On Abhishek Banerjee: अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद भी पब्लिक का गुस्सा शांति नहीं हुआ है। अब भी स्थानीय लोगों ने भड़काऊ बयान जारी किया है।

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May 30, 2026
अभिषेक बनर्जी पर हमला। (फोटो- ANI)

तृणमूल कांग्रेस के सांसद और बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हमले के बाद भी पब्लिक का गुस्सा शांत नहीं हुआ है।

एक स्थानीय शख्स ने मीडिया से बात करते हुए कहा- उसने (अभिषेक) लोगों की नौकरी छीनी है। वह चोर है। उसने जनता से सबकुछ छिपाया है।

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स्थानीय शख्स ने यह भी कहा कि 26 लाख लोगों की नौकरियाँ छीनने के लिए वही जिम्मेदार है। बता दें कि हमले के बाद अभिषेक को अस्पताल ले जाया गया है। जहां ममता बनर्जी भी उन्हें देखने के लिए पहुंची थीं।

टीएमसी में नाराजगी

इस हमले के बाद टीएमसी नेताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली है। टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा- यह बेहद निंदनीय, अन्यायपूर्ण, चिंताजनक और गंभीर मामला है। बंगाल में भाजपा सरकार ने कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से तबाह कर दिया है।

टीएमसी सांसद ने कहा- आज, भाजपा कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी पर हिंसक हमला किया। सुरक्षा हटा ली गई थी और पुलिस भी मौके पर मौजूद नहीं थी।

हिफाजत सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी

सागरिका ने आगे कहा- हर व्यक्ति की सुरक्षा और हिफाजत सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। लेकिन BJP बंगाल में हिंसा और हमलों की राजनीति कर रही है।

आज अभिषेक बनर्जी के साथ जो कुछ हुआ, वह लोकतंत्र पर सीधा हमला है। इससे पता चलता है कि BJP सरकार बंगाल पर हिंसा, डर और अराजकता के जरिए राज करना चाहती है। यह घटना अपने आप में लोकतंत्र पर एक हमला है।”

कब हुआ अभिषेक पर हमला?

अभिषेक बनर्जी को शनिवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में भारी विरोध का सामना करना पड़ा। वह कथित तौर पर चुनाव बाद हुई हिंसा के शिकार एक पार्टी कार्यकर्ता से मिलने पहुंचे थे।

जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर को सीआईडी द्वारा पूछताछ के लिए नोटिस मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी अपने कोलकाता स्थित कालीघाट रोड आवास से सोनारपुर के लिए रवाना हुए। रास्ते में कमालगाजी इलाके में कुछ महिलाओं ने उन्हें काले झंडे दिखाकर विरोध जताया।

अचानक तेज हुआ विरोध

सोनारपुर पहुंचने पर विरोध और तेज हो गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे और उन्हें 'चोर' कहकर संबोधित किया।

इस दौरान अभिषेक बनर्जी अपनी कार से उतरकर एक स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ता की मोटरसाइकिल पर सवार होकर आगे बढ़ने लगे। इसी बीच प्रदर्शनकारियों की भीड़ उनकी ओर बढ़ी।

क्या है आरोप?

आरोप है कि कुछ महिलाओं ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और थप्पड़ भी मारे। कई प्रदर्शनकारियों ने उन पर अंडे फेंके, जबकि कुछ ने पत्थर भी मारे, हालांकि पत्थर उन्हें नहीं लगे। हंगामे के दौरान उनकी शर्ट भी फट गई। सिर पर अंडे लगने के बाद उन्होंने सुरक्षा के लिए क्रिकेट हेलमेट पहन लिया।

घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि हमला भाजपा समर्थित गुंडों द्वारा कराया गया। उन्होंने कहा कि वह अपने पार्टी कार्यकर्ता संजू कर्मकार से मिलने गए थे, जो कथित तौर पर चुनाव बाद हिंसा का शिकार हुआ था। उन्होंने यह भी दावा किया कि हमले के समय वहां पुलिस मौजूद नहीं थी।

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