
Sonam Wangchuk Health Update: जाने-माने शिक्षाविद और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को 20 दिन की भूख हड़ताल के बाद शनिवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर उनकी कड़ी निगरानी कर रहे हैं और उनके परिवार से बिना किसी देरी के इलाज शुरू करने की अपील कर रहे हैं।
इस बीच, वांगचुक के निजी डॉक्टर, डॉ. नितिन दिघे ने एक्टिविस्ट की हालत के बारे में अस्पताल के आकलन पर सवाल उठाए और उनके इलाज में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया। इसके बाद उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने अस्पताल से कहा कि उनकी मंजूरी के बिना कोई इलाज न किया जाए और उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने की मांग की।
वांगचुक के निजी डॉक्टर, डॉ. नितिन दिघे ने कहा कि, मैं और मेरी टीम पिछले 20 दिनों से उनकी जांच कर रहे हैं। अब तक उनके वकीलों और हमें उनसे मिलने नहीं दिया गया है। उनकी पत्नी यहां हैं और उन्हें मिलने दिया जा रहा है। मैंने उनसे पूछा कि उन्हें यहां क्यों रखा गया है, तो बताया गया कि उनमें पोटैशियम की कमी दिख रही है।
मैंने कल दोपहर 3 बजे उनका ब्लड सैंपल लिया था और उस समय पोटैशियम का लेवल नॉर्मल था। यह 4.8 था, जो 3.5 के नॉर्मल लेवल से ज्यादा है। अब वे कह रहे हैं कि लेवल कम हो गया है। जब उनकी पत्नी रिपोर्ट मांगती हैं, तो वे उन्हें रिपोर्ट नहीं देते। यह संदिग्ध है, इसलिए मैं उनका ब्लड सैंपल ले रहा हूं और रिपोर्ट के लिए ले जा रहा हूं। मैं आपके सामने रिपोर्ट पेश करूंगा। दिघे ने कहा, हमें सरकारी लैब पर भरोसा नहीं है।
लंबे समय तक उपवास रखने के बाद सोनम वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार,डॉक्टरों को डिहाइड्रेशन, पोटैशियम की कमी और कीटोन का लेवल बढ़ता हुआ मिला है। उपवास के दौरान कीटोन का लेवल बढ़ सकता है, लेकिन डिहाइड्रेशन के साथ इसके बहुत ज्यादा बढ़ने से किडनी के काम करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी दूसरी दिक्कतें हो सकती हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल प्रशासन उनके परिवार को लगातार समझा रहा है कि बिना और देरी किए इलाज शुरू करने दिया जाए। अस्पताल ने उन्हें IV फ्लूइड देने की सलाह दी थी, लेकिन वांगचुक ने IV इलाज, ओरल रिहाइड्रेशन फ्लूइड और बाकी सभी दवाएं लेने से मना कर दिया। बयान में कहा गया है कि उन्हें लगातार डॉक्टरों की निगरानी में रखा जा रहा है और उनकी सेहत के लिए इलाज कराने के लिए समझाया जा रहा है।