
Sonam Wangchuk Health Bulletin: दिल्ली के वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) और सफदरजंग अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर एक हेल्थ बुलेटिन जारी किया है। दोपहर 3:30 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, 59 साल के वांगचुक को दिल्ली पुलिस 18 जुलाई की सुबह 7:40 बजे VMMC और सफदरजंग अस्पताल लाई थी।
अस्पताल ने बताया कि उन्होंने पिछले 20 दिनों से ठोस खाना नहीं खाया था और उन्हें सामान्य कमजोरी की शिकायत के साथ भर्ती कराया गया था। सोनम वांगचुक अभी पूरी तरह होश में हैं और उनकी हालत स्थिर है। हालांकि, उनके अंदरूनी अंगों और ब्लड पैरामीटर्स में महत्वपूर्ण और चिंताजनक बदलाव देखे गए हैं।
सफदरजंग अस्पताल द्वारा जारी विस्तृत मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक को जब अस्पताल में भर्ती कराया गया था तो उनकी पल्स, ब्लड प्रेशर (BP) और ऑक्सीजन सैचुरेशन का लेवल पूरी तरह स्थिर पाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें बेहोशी या चक्कर आने की कोई समस्या नहीं थी।
बुलेटिन के अनुसार, भूख हड़ताल के कारण वांगचुक के शरीर में डिहाइड्रेशन के लक्षण देखे गए। इसके अलावा, ब्लड गैस एनालिसिस से 'कम्पेनसेटेड एसिडोसिस' (खून में एसिडिटी का बढ़ना) की पुष्टि हुई। इसके अलावा मेडिकल टेस्ट में सीरम पोटेशियम का लेवल काफी कम पाया गया, जबकि उनका ब्लड शुगर लेवल 78 mg/dL दर्ज किया गया, जो कम है। दोबारा टेस्ट करने पर भी पोटेशियम का लेवल सामान्य से कम ही रहा।
डॉक्टरों के लिए सबसे बड़ी चिंता उनके शरीर में कीटोन का बढ़ता लेवल है। सुबह अस्पताल में भर्ती होने के समय उनके यूरिन में कीटोन का लेवल 1+ था। कुछ ही घंटों में यानि दोपहर 1 बजे तक यह बढ़कर 3+ हो गया। यह शरीर की गंभीर कमजोरी और अंदरूनी फैट रिजर्व के टूटने का एक बड़ा संकेत है।
जंतर-मंतर से अस्पताल के बिस्तर पर लाए जाने के बाद भी सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल जारी रखने के संकल्प पर पूरी तरह अडिग हैं। डॉक्टरों ने मेडिकल बुलेटिन में बताया कि उनकी बिगड़ती सेहत और डिहाइड्रेशन को देखते हुए उन्हें तुरंत इंट्रावेनस (IV) फ़्लूइड और ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) लेने की सलाह दी गई थी। हालांकि, सोनम वांगचुक ने डॉक्टरों की सलाह नहीं मानी। उन्होंने कोई भी IV फ़्लूइड, ORS या किसी भी तरह की दवा लेने से इनकार कर दिया है। वे अस्पताल में बिना कुछ खाए-पिए अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं।
सफदरजंग अस्पताल प्रशासन ने कहा कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, डॉक्टरों की एक खास टीम चौबीसों घंटे सोनम वांगचुक की सेहत पर नजर रख रही है। साथ ही, डॉक्टरों और विशेषज्ञों की टीम उनकी सेहत को ध्यान में रखते हुए उन्हें इलाज और IV फ़्लूइड लेने के लिए लगातार समझा-बुझा रही है। अस्पताल ने कहा कि वे मरीज को समझा रहे हैं ताकि उनकी जान को कोई खतरा न हो और स्थिति पर पूरा नियंत्रण बना रहे।