
Sonam Wangchuk: शिक्षक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का रविवार को 15वां दिन रहा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच उनकी सेहत और बिगड़ गई है। डॉक्टरों के अनुसार उनका ब्लड प्रेशर घटकर 104/66 mm Hg रह गया है और भूख हड़ताल शुरू करने के बाद से उनका वजन 7.8 किलोग्राम कम हो चुका है। कॉकरोच जनता पार्टी के मुखिया अभिजीत दीपके ने भी इस संबंध में सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से शेयर की गई जानकारी के अनुसार, वांगचुक की तबीयत लगातार कमजोर होती जा रही है। पार्टी के फाउंडर अभिषेक दीपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वांगचुक बेहद कमजोर हालत में लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, 'सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 15वां दिन… सरकार आखिर कब जागेगी?'
जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन रविवार को 23वें दिन में प्रवेश कर गया। यह आंदोलन 20 जून को शुरू हुआ था, जबकि सोनम वांगचुक 28 जून को इसमें शामिल हुए और तभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। संगठन ने बताया कि प्रदर्शन के समर्थन में कई राजनीतिक नेताओं और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग रविवार को जंतर-मंतर पहुंचे। पूर्व केरल मंत्री के.के. शैलजा, के.एन. बालगोपाल और पी. राजीव के प्रदर्शनकारियों से मिलने का कार्यक्रम था। वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज को भी सभा को संबोधित करना था।
प्रदर्शन स्थल पर सीपीआई (एमएल) लिबरेशन से जुड़े ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के सदस्य नेहा, मनीष, दीपक कुमार वर्मा और आमीन भी अलग मंच से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं।
शनिवार को जारी एक वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने लोगों से किसी एक व्यक्ति को नायक मानने के बजाय स्वयं जिम्मेदारी निभाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि लोग किसी और में नायक तलाशने के बजाय अपने जीवन के नायक बनें और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाएं।
वांगचुक ने लोगों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि नागरिकों को एकजुट होकर सांसदों से परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की मांग करनी चाहिए।