
Sonam Wangchuk health update: नीट पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े सोनम वांगचुक का अनशन 20वें दिन पहुंच गया है। कांग्रेस नेता शशि थरूर, पवन खेड़ा, सपा नेता अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं और समर्थकों ने उनसे अनशन खत्म करने की अपील की है, बावजूद उनकी 20वें दिन भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है। भूख हड़ताल के 20वें दिन उनके स्वास्थ्य की जानकारी डॉ. सतीश लांबा ने दी।
डॉ सतीश लांबा ने कहा, 'आज अनशन का 20वां दिन है। मैं 17 जुलाई 2026 को सुबह 9:30 बजे तक का स्वास्थ्य बुलेटिन पेश कर रहा हूं। हमेशा की तरह, यहां स्वास्थ्य से जुड़े प्रमुख मापदंड हैं। उनका वजन 56.55 किलोग्राम है, जो पिछले 24 घंटों में 350 ग्राम की कमी को दर्शाता है। रक्तचाप 108/68 है। ब्लड शुगर 80 mg/dL है। नाड़ी की दर 72 बीट प्रति मिनट है। उनका हाइड्रेशन संतोषजनक है… हालांकि आज हल्के निर्जलीकरण के संकेत दिखाई दे रहे हैं। जैसा पहले बताया गया था, जब शरीर को ग्लूकोज, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट नहीं मिलते, तो पहले वसा कम होती है, फिर मांसपेशियां घटने लगती हैं और मूत्र में कीटोन बनने लगते हैं। अब तीसरे चरण में अंगों (ऑर्गन्स) पर असर पड़ने की आशंका है। मेडिकल टीम 24 घंटे निगरानी कर रही है।'
28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वांगचुक की हालत ऐसी हो गई है कि उनकी हड्डियां साफ दिखाई देने लगी हैं। वे अब ठीक से चल-फिर भी नहीं पा रहे हैं।
वहीं डॉक्टरों की चेतावनी के बावजूद सोनम वांगचुक अपना अनशन समाप्त करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने अपने समर्थकों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को और अधिक मजबूत बनाने की अपील की है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि हर नागरिक का जीवन अनमोल है और सरकार का दायित्व है कि उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास करे। अदालत ने निर्देश दिया कि जंतर-मंतर पर जारी सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के दौरान उनकी स्वास्थ्य स्थिति की प्रतिदिन चिकित्सकीय निगरानी की जाए। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि सरकारी डॉक्टरों की राय के आधार पर यदि किसी चिकित्सकीय हस्तक्षेप की आवश्यकता हो तो उसे तुरंत उपलब्ध कराया जाए।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने यह आदेश याचिकाकर्ता राकेश कुमार साहनी द्वारा दायर जनहित याचिका का निपटारा करते हुए दिया।
पीठ ने कहा कि याचिका में वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई गई है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि लंबे समय तक भूखे रहने के कारण उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है।
केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से वर्चुअल माध्यम से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि वांगचुक की प्रतिदिन स्वास्थ्य जांच की जा रही है और उनके सभी चिकित्सकीय मानकों की नियमित निगरानी की जा रही है।