
Sonam Wangchuk: दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ने के बीच विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की। नेताओं ने कहा कि उनकी लड़ाई जायज है, लेकिन उनका जीवन देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के आयोजकों के मुताबिक, 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक का वजन अब तक 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है। यह प्रदर्शन NEET समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर किया जा रहा है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया साइट 'X' पर पोस्ट करते हुए सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक का जीवन पूरी दुनिया के लिए अमूल्य है क्योंकि वह मानवता, पर्यावरण और लोकतंत्र के प्रति समर्पण का प्रतीक हैं। अखिलेश ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस सरकार को वह अपने अनशन से जगाने की कोशिश कर रहे हैं, वह संवेदनहीन है। ऐसे में किसी बलिदान से उसके रवैये में बदलाव की उम्मीद करना व्यर्थ है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि वांगचुक की तबीयत लगातार खराब हो रही है और वह देश की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि संघर्ष जारी रखने के और भी तरीके हैं।
केजरीवाल ने यह भी घोषणा की कि वह गुरुवार शाम जंतर-मंतर जाकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक सुधार जरूरी हैं। इससे पहले सोमवार को दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी भी जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मिली थीं।
विपक्षी नेताओं की अपील से एक दिन पहले लेखिका अरुंधति रॉय, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक शाह, अर्थशास्त्री जयति घोष समेत कई प्रमुख हस्तियों ने भी सोनम वांगचुक और अन्य अनशनकारियों से भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की थी।